चंडीगढ़ के अलग प्रशासक के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने यूटर्न लेते ही पंजाब के राज्यपाल को ही चंडीगढ़ का प्रशासक नियुक्त कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का विरोध भी आखिरकार रंग लाया। 32 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत पंजाब के राज्यपाल ही चंडीगढ़ के प्रशासक होंगे।
केंद्र सरकार ने बुधवार को चले विवादों और असमंजस की स्थिति के बीच घोषणा की कि पंजाब के नवनियुक्त राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ही चंडीगढ़ के प्रशासक रहेंगे। राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, वीपी. सिंह बदनोर को बतौर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासक नियुक्त करते हुए राष्ट्रपति को खुशी है।
पहले वीपी सिंह को सिर्फ पंजाब का राज्यपाल घोषित किया गया था और चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में रिटायर्ड आईएएस और केरल भाजपा के शीर्ष नेता अल्फोंस कन्नानथनम को बनाने का फैसला लिया गया था। विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री बादल ने केंद्र सरकार के समक्ष विरोध जताते हुए इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी।
इसके बाद वीरवार को केंद्र ने 32 साल पुरानी परंपरा के अनुसार राज्यपाल बदनौर को ही चंडीगढ़ के प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी। बताया जाता है कि इस फैसले के पहले पंजाब सरकार या मुख्यमंत्री बादल के साथ केंद्र ने विचार नहीं किया था।
केंद्र का फैसला आते ही कांग्रेस और आप ने भुनाया मुद्दा
पंजाब के नए राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर
- फोटो : फाइल फोटो
केंद्र का फैसला आते ही विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एकाएक आक्रामक रुख अपना कर इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की। विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों के हाथों एक सशक्त मुद्दा जाते देख मुख्यमंत्री बादल ने तत्काल केंद्र सरकार से संपर्क किया और दबाव डाला कि इस फैसले को वापस लिया जाए। चूंकि पंजाब में अकाली दल और भाजपा का गठबंधन है और इस मुद्दे से नुकसान होता देख केंद्र सरकार ने फैसले पर यू टर्न ले लिया। इस नए कदम से कांग्रेस और आप को मायूसी हाथ लगी है।
अलफांस ने कहा, मुझे मना किया गया
चंडीगढ़। एक दिन पहले चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालने की हामी भरने वाले केरल के अल्फोंस ने कहा कि दिल्ली से फोन से बताया गया कि फिलहाल उन्हें चंडीगढ़ जाने से रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि वीरवार की सुबह गृहमंत्री के सचिव का फोन आया। उनका कहना था कि पंजाब सरकार के विरोध के कारण चंडीगढ़ का अलग से प्रशासक नियुक्त करने का फैसला बदल दिया गया है। उन्होंने माना कि वह इस फैसले से दुखी हैं। रने के इच्छुक थे।
हरियाणा के दावे पर भी हुई चर्चा
नए प्रशासक के लिए हरियाणा सरकार की ओर से भी दावा पेश किया गया था। हरियाणा चाहता था कि राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को ही चंडीगढ़ का प्रशासक नियुक्त किया जाए। लेकिन उनकी मांग को दरकिनार ॉकरते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब के राज्यपाल को ही प्रशासक बनाने का आदेश जारी कर दिया।