चंडीगढ़। अंतरिम बजट में अधिक बदलाव नहीं लाए गए हैं। बाजार में मुद्रास्फीति को देखते हुए सरकार का टैक्स स्लैब में परिवर्तन न करना वर्तमान स्थिति के अनुकूल है। बजट में अनुमानित 5.1 प्रतिशत घाटा संचालनीय है। चुनाव से पूर्व अक्सर सरकारें लोकलुभावन बजट पेश करती हैं, लेकिन इस बार के बजट में उस पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया है। वित्त मंत्री के दो करोड़ घर बनाने को लोगों को लुभाने की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है, पर व्यापक दृष्टि से बजट संतुलित है।
सरकार का हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का निर्णय समाज के लिए दो पहलुओं से महत्वपूर्ण है। पहला गरीब परिवारों के लिए अस्पताल उपलब्ध हो पाएंगे। देश की बढ़ती आश्रित जनसंख्या को देखते हुए आने वाले समय में अस्पतालों की आवश्यकता बढ़ेगी। दूसरे पहलू से देखें तो मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को नए अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाने की दिक्कत नहीं आएगी और देश में उनके लिए कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ेगी। बजट को 10 में से सात रेटिंग दूंगा। बजट अंतरिम है तो इसमें अधिक अपेक्षाएं नहीं रहतीं। लोकलुभावन मदों पर बजट में अधिक खर्च न करना राहत की बात है।
- प्रो. नितिन अरोड़ा, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, पंजाब यूनिवर्सिटी