केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा सरकार और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान के बीच हुआ करार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 50 एकड़ भूमि पर फॉरेंसिक विज्ञान में प्रशिक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा सरकार और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय गांधीनगर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर विशेष रूप से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मौजूद रहे। उन्होंने इस उत्कृष्टता केंद्र में एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसकी स्थापना के लिए पूरी व्यवस्था करेगी। इस केंद्र के स्थापना से हरियाणा में आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।
शाह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह को सुझाव देते हुए कहा कि इस केंद्र की प्लानिंग के दौरान यहां एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने पर ध्यान दिया जाए। इसके साथ-साथ यहां एक हॉस्टल भी बनाया जाए ताकि यहां पर पुलिस के अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता केंद्र से आने वाले दिनों में हरियाणा में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आमूलचूल परिवर्तन होगा। इतना ही नहीं, यह केंद्र उत्तर भारत के लिए एक बड़ा ट्रेनिंग केंद्र बनकर उभरेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2022 में सूरजकुंड में इस केंद्र की स्थापना की परिकल्पना रखी गई थी और इस एमओयू के माध्यम से इस परिकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब पहले केवल प्रदेश में एक थी, अब 4 और संचालित हैं। अब नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का कैंपस यहां होगा तो पीड़ितों को न्याय जल्द मिल सकेगा। सीएम नायब सिंह ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना से हरियाणा प्रदेश को क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है। कई बार साधनों के अभाव में न्याय मिलने में देरी होती थी, अब नई तकनीक के साथ हम पीड़ित को जल्द न्याय दिलाने में सक्षम होंगे। सूरजकुंड में चिंतन शिविर के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने इस कैंपस को स्थापित करने की परिकल्पना की थी, जो आज साकार हो रही है। नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के साथ हरियाणा यह लीड ले है, इसका लाभ हरियाणा को मिलेगा।