चंडीगढ़। शहर के हेरिटेज फर्नीचर की विदेश में लगातार नीलामी हो रही है। अब केंद्र सरकार ने एक नीलामी पर सतर्कता दिखाई है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक और निदेशक (पुरावशेष) को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की बात कही है। यह नीलामी 24 मार्च को लक्जमबर्ग में हुई थी, जिसमें चंडीगढ़ के चार हेरिटेज आइटम्स करीब 23.43 लाख रुपये में बिके थे।
इस नीलामी की चंडीगढ़ हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी और केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी को शिकायत भेजी थी। जग्गा ने बताया कि उन्होंने नीलामी से पहले ही 19 मार्च को ईमेल के माध्यम से केंद्र सरकार के कई मंत्रियों को जानकारी भेज दी थी लेकिन नीलामी नहीं रोकी गई और 24 मार्च को लक्जमबर्ग के लक्स नीलामीघर ने नीलामी की गई और चंडीगढ़ के 5 हेरिटेज आइटम्स को रखा। इसमें चंडीगढ़ के चार आइटम्स करीब 23.43 लाख रुपये में बिके।
24 मार्च को ही जग्गा की तरफ से फिर से शिकायत की गई, जिस पर केंद्र सरकार के अधिकारी हरकत में आए हैं। 10 अप्रैल को भारत सरकार के अंडर सेक्रेटरी अनुराधा सूद की तरफ से नई दिल्ली स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक और निदेशक (पुरावशेष) को पत्र लिखा गया है। उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की बात कही है। साथ ही लिखा गया है कि यह सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है। जग्गा ने कहा कि उन्हें फिर उम्मीद जगी है कि चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की लगातार हो रही नीलामी पर रोक लगेगी।
लक्जमबर्ग में इन आइटम्स की हुई थी नीलामी
लक्जमबर्ग में हुई नीलामी में चंडीगढ़ की दो हेरिटेज कुर्सियों का एक सेट करीब 9 लाख 21 हजार रुपये, लो रैक्टेंगुलर स्टूल करीब 1.80 लाख रुपये, स्मॉल डेस्क करीब 4.70 लाख रुपये और ऑफिस चेयर करीब 7.76 लाख रुपये में नीलाम हुई। कुल कीमत करीब 23.43 लाख रुपये थी। सबसे अधिक यूटी सचिवालय की दो कुर्सियों की 9.21 लाख रुपये की बोली लगी। जग्गा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से लगातार शहर के हेरिटेज फर्नीचर की अमेरिका, फ्रांस और यूरोप में नीलामी हो रही है।