499 अंक हासिल करने वाली छात्रा दिवजोत कौर के पिता अंबाला कैंट के गोबिंद नगर निवासी सविंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी हर कक्षा में अव्वल रही है। वह स्वयं ही अपना कार्य करती रही है और आज तक उसे पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं हुई। बेटी के अव्वल आने पर घर में बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा।
उन्होंने बताया जिस समय परीक्षा परिणाम घोषित हुए उस समय दिवजोत चंडीगढ़ में कोचिंग लेने गई थी और वह रात को ही अंबाला वापस आएगी। बेटी की उपलब्धि पर मां भूपिंद्र कौर एवं छोटी बेटी चौथी कक्षा की छात्रा जसमीत कौर खुश थी। सविंद्र सिंह अंबाला में प्रापर्टी डीलर हैं। दिवजोत कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी स्कूल की छात्रा है।
498 अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर रहे अंबाला सिटी एमएम इंटरनेशनल स्कूल सद्दोपुर के छात्र रोहन बत्तरा को उम्मीद थी कि उसके अंक 98 प्रतिशत से अधिक आएंगे।
रोहन के पिता रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर है व मां सुदेश रानी गृहिणी है। रोहन ने बताया कि जब बीते वर्ष उसने दसवीं कक्षा में प्रवेश किया तो उसने देशभर में अव्वल आई टॉपर छात्रा का इंटरव्यू देखा। बस वहीं से उसने ठान लिया था कि इस बार टॉप करना है।
आज के समय में दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट केवल जन्म प्रमाण पत्र के काम आता है, मगर वह छात्रा के इंटरव्यू से इतना प्रभावित हुआ कि उसने अव्वल आने की ठान ली थी। उसने जो टारगेट सेट किया आज कड़ी मेहनत व लगन से उसे हासिल किया है।
बिना टाइम टेबल पढ़ाई, द्वितीय स्थान किया हासिल
कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी स्कूल की छात्रा प्रियंका वालिया 498 अंकों के साथ देशभर में द्वितीय आई है। वह बताती है कि पढ़ाई के लिए उनका कोई टाइमटेबल नहीं था। वह जब चाहे पढने बैठ जाती थी, मगर जब पढ़ाई करती थी तब केवल पढ़ाई में ही वह जुटी रहती थी।
प्रियंका को कई विषय बेहद पसंद है जिन्हें वह रूचि लेकर पढ़ती थी। यहीं वजह रही कि उनका परीक्षा परिणाम बेहतर रहा। प्रियंका को 97 प्रतिशत से अधिक अंकों की उम्मीद थी, मगर अब इससे भी ज्यादा अंक हासिल करने पर वह बेहद खुश है। प्रियंका के पिता रोहितास वालिया अंबाला रेल मंडल हेडक्वार्टर में चीफ कंट्रोलर हैं जबकि मां रितु वालिया गृहिणी हैं।