केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने आईएएस अशोक खेमका को राहत देते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव के आदेश पर रोक लगा दी है। हरियाणा सरकार की ओर से खेमका को उनकी मां के लिए दी गई एलटीसी की राशि लौटाने के लिए कहा गया था। कैट ने इस मामले में सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी 2017 को होगी।
हरियाणा सरकार ने खेमका की वर्ष 2014-15 में मंजूर एलटीसी रकम लौटाने के लिए कहा था। इसके बाद सरकार के आदेश को खेमका ने कैट में चुनौती दी। पूर्व मुख्य सचिव पीके चौधरी के समय में 12,397 की यह राशि खेमका की बीमार मां को हवाई जहाज के माध्यम से कोलकाता लाने और ले जाने केलिए जारी की गई थी, जिसे सरकार ने वापस मांगी थी। सरकार ने खेमका को पत्र लिख कर एक माह के भीतर पूर्व में ली गई एलटीसी की राशि वापस करने को कहा था।
इसके अलावा 2016-17 में अपनी मां को अपनी बहन के पास हैदराबाद भेजने के लिए जो एडवांस राशि खेमका ने मांगी थी। उसके लिए भी इनकार कर दिया था। दरअसल, इस पूरे मामले में अशोक खेमका ने सरकार से अपनी बीमार मां को हवाई जहाज के माध्यम से अपनी बहन के पास भेजने के लिए एलटीसी की राशि मांगी थी। राज्य सरकार ने जब इस मामले में डीओपीटी से पूछा तो डीओपीटी ने कहा कि नियमों में इस तरह का प्रावधान नहीं है, जिसका हवाला देते हुए सरकार ने पिछली दी गई राशि भी लौटाने के आदेश जारी कर दिए। यह आदेश मिलने के बाद खेमका ने आरटीआई केमाध्यम से सारे अधिकारियों को दी गई एलटीसी का रिकार्ड मांग लिया है। जिसके बाद अफसरशाही में हलचल तेज हो गई है।