हरियाणा में जलभराव के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा केस डायरिया, डेंगू, मलेरिया व त्वचा में संक्रमण के केस आ रहे हैं। अकेले पानीपत में एक महीने में डायरिया और उल्टी दस्त से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें पांच बच्चे, एक महिला और दो युवक शामिल हैं। इसके अलावा यमुनानगर में दो व अंबाला में साहा के बिहटा गांव में दो बच्चों की जान जा चुकी है। सोनीपत में इस सीजन डायरिया के सबसे अधिक 1816, रेवाड़ी में 145, नारनौल में 700, फतेहाबाद में 45 और सिरसा में 15 केस आ चुके हैं।
डेंगू व मलेरिया के मरीजों की भी यही स्थिति है। प्रदेश में डेंगू के अब तक 509 व मलेरिया के 125 मामले आ चुके हैं। इसके अलावा त्वचा में संक्रमण के मरीजों की ओपीडी सरकारी व निजी अस्पतालों में बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रभावित इलाकों में 136 चिकित्सा शिविर लगाए हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलभराव से प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है। इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग इलाज करवाने पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक केस त्वचा रोग जैसे दाद, खाज, आंखों में संक्रमण और पेट दर्द के आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बाढ़ के पानी से न केवल जल स्रोत दूषित हो जाते हैं, बल्कि साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण भी तेजी से फैलता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लोगों को उबला हुआ पानी पीने, हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दे रहा है।
हिसार, सिरसा, अंबाला, पानीपत, कुरुक्षेत्र के कई इलाकों का हाल ये है कि दो व तीन सिंतबर को हुई बारिश का पानी अभी भी भरा हुआ है। इसी कारण इन इलाकों में न केवल बदबू फैल रही है बल्कि प्रभावित इलाकों में बीमार होने वालों की संख्या भी बढ़ गई है।
डेंगू फैलने का खतरा, चार साल पहले आए थे 11,835 केस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक हफ्ते में पानी के अंदर डेंगू मच्छर का लार्वा पनपने लगता है। इस समय मौसम में नमी बनी हुई है, जो डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छर के लिए अनुकूल है ऐसे में लोगों को सतर्क होने की जरूरत है। जिन लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, मतली जैसे लक्षण आ रहे हैं।
पिछले आठ साल में सबसे ज्यादा मरीज साल 2021 में 11,835 आए थे। 13 मौतें भी हुईं थीं। हालांकि उसके बाद से हर साल डेंगू मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। साल 2022 में 8996 केस और 18 मौतें, 2023 में 8081केस और 11 मौतें, 2024 में 6469 केस और नौ मरीजों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस बार केस ज्यादा आ सकते हैं। लोगों को ज्यादा एहतियात बरतनी होगी।
इन शहरों में तेजी से बढ़ रहा है केस
शहर केस
रेवाड़ी 142
गुरुग्राम 51
सोनीपत 37
रोहतक 37
करनाल 32
पंचकूला 24
पानीपत 20
यमुनानगर 19
झज्जर 17
फरीदाबाद 16
ओआरएस के पैकेट बांटे जा रहे : उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी
फरीदाबाद के उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि जलभराव के बाद होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। लोगों को ओआरएस के पैकेट बांटे जा रहे हैं। साफ पानी पीने पर जोर दिया जा रहा है। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित दौरा कर रही है, ताकि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और किसी भी प्रकार की महामारी को फैलने से रोका जा सके।