18 मार्च 2019 को डड्डूमाजरा स्थित वाटर वर्कर्स के पास खून से लथपथ मिले शेर सिंह (30) के शव के मामले में डेढ़ साल बाद मलोया थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। मलोया थाना पुलिस की ढीली कार्रवाई को देख मामले की शिकायत सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में एसएसपी विंडो में की गई थी। इसके बाद पुलिस ने अब मृतक के साथी डड्डूमाजरा निवासी आरोपी मक्खन सिंह उर्फ माखा के खिलाफ 302 (हत्या) की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस को दिए बयान में परिजनों ने बताया था कि 12 मार्च 2019 को घर से लापता हो गया था। 18 मार्च को उसका शव मिला था। परिजनों का आरोप था कि उसके साथी मक्खन सिंह उर्फ माखा ने शेर सिंह की डंडे से हमला कर उसकी हत्या की है पर पुलिस ने केस सुलझाने के बजाय ठंडे बस्ते में बंद कर दिया था। वहीं पुलिस कहना है कि सीएफएसएल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शेर सिंह के सिर पर भारी हथियार से हमला किया गया था। इसके चलते उसकी मौत हुई थी।
आरोपी ने नशे में बोला था- शेर सिंह को किसने मारा, उसे पता
एसएसपी विंडो में दी गई शिकायत में शेर सिंह की मां केसरवती ने कहा था कि शव मिलने के बाद आरोपी मक्खन सिंह ने शराब के नशे में बोला था कि ‘शेर सिंह को किसने मारा, उसे पता है’ पर इसके बावजूद केस के जांच अधिकारी नीरज कुमार व मलोया पुलिस ने ढीला रवैया अपनाया। वहीं अब एसएसपी विंडो से इंक्वायरी मार्क होने के बाद पुलिस ने घटना के डेढ़ साल बाद मामला दर्ज कर लिया है।