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Chandigarh: एलांते माॅल में बाल कलाकार और उनकी माैसी पर गिरी थीं पिलर की टाइल, अब मालिक-मैनेजर पर केस

Thu, 03 Oct 2024 02:00 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

एलांते माॅल में बाल कलाकार और उसकी माैसी पर पिलर की टाइलें गिरने के मामले में माॅल के मालिक और मैनेजर पर औद्योगिक क्षेत्र थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
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एलांते माॅल में हादसे में बाल कलाकार घायल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक मॉल में बीते 29 सितंबर की शाम को पिलर की टाइलें गिरने से घायल बाल कलाकार व उसकी मौसी के पुलिस ने बयान दर्ज कर औद्योगिक क्षेत्र थाने में बीएनएस एक्ट 125-ए, 125-बी अधिनियम 2023 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में मॉल के मालिक सहित प्रबंधन को नामजद किया है। पुलिस को दिए बयान में घायल महिला ने मॉल संचालकों व प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि चोट लगने के बाद मॉल के मेडिकल रूम में उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया।

पुलिस को दिए बयान में शिकायतकर्ता सुरभि जैन निवासी सेक्टर-22 सी ने बताया कि वह ट्राइसिटी में रियल एस्टेट का काम करती हैं। बीते 29 सितंबर को वह अपने पति साहिल जैन व अन्य परिजनों के साथ उसकी भतीजी मायशा दीक्षित का जन्मदिन मनाने मॉल में गई थी। लंच के बाद शाम 4 बजे वह एक स्टोर के बाहर मॉल के ग्राउंड फ्लोर पर अपनी भतीजी के साथ फोटो खिंचवा रही थी। इसी दौरान जिस जगह वह खड़ी थीं, वहां लगे पिलर की कुछ टाइलें उखड़कर करीब 25 फीट की ऊंचाई से सीधे उसके सिर पर आ गिरीं जिससे वह लहूलुहान हो गईं। वहीं, टूटी हुई टाइल का एक टुकड़ा उनकी भतीजी मायशा को भी लगा। चोट लगने के बाद भी घटना के तुरंत बाद मॉल के अधिकारियों की ओर से कोई भी मदद के लिए नहीं आया।

इसके बाद उसे व उसकी भतीजी को मॉल के मेडिकल रूम में ले जाया गया लेकिन करीब 20 मिनट तक उसे कोई मेडिकल ट्रीटमेंट या ध्यान नहीं दिया गया। यहां तक कि मेडिकल रूम में कोई मेडिकल अटेंडेंट भी मौजूद नहीं था। एक मेडिकल नर्स आई और वह उसकी गंभीर चोट का इलाज नहीं कर सकी तो उसे इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक में स्थित ईडन अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया। उसके सिर में चोट वाली जगह कई टांके लगे और विभिन्न परीक्षण व स्कैन करके इलाज किया गया।

सुरक्षित वातावरण देने में असमर्थ हैं तो मॉल को बंद कर देना चाहिए

सुरभि जैन के पति साहिल ने पुलिस मदद के लिए 100 नंबर पर फोन किया जिसके कुछ देर बाद पुलिस अस्पताल पहुंची लेकिन उस समय गंभीर चोटों के कारण वह बयान देने के लिए अयोग्य थी और अगले दिन 30 सितंबर देर शाम तक अस्पताल में भर्ती रही। इस घटना के बाद से मॉल अधिकारियों की ओर से मामले को निपटाने के लिए उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा था लेकिन उन्होंने कोई भी समझौता करने से इन्कार कर दिया। गंभीर चोट के कारण कम से कम छह महीने तक वह अपना काम भी नहीं कर पाएंगी। इस हादसे में उनकी 13 वर्षीय भतीजी मायशा को भी कूल्हे में चोटें आई हैं और वह इस घटना के बाद से ही सदमे में है। सुरभि ने कहा कि मॉल के अधिकारियों के रवैये से स्पष्ट है कि उनके पास मॉल में कोई घटना या दुर्घटना होने पर इलाज के लिए कोई एसओपी नहीं है। एक प्रमुख मॉल होने के नाते अगर वह ग्राहकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने में असमर्थ है तो मॉल को बंद कर दिया जाना चाहिए।

दर्ज एफआईआर के बारे में जानकारी मिली है। टीम जांच अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। सीसीटीवी फुटेज सहित सभी सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं। मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। हम इस संबंध में कोई और टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।- आधिकारिक प्रवक्ता, एलांते मॉल

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