चंडीगढ़। पीयू में शोधकर्ता लड़की से छेड़छाड़ के मामले में लड़के ने विभाग को दिए जवाब में खुद पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। विभाग की ओर से रिपोर्ट बनाकर पीयू सैक्सुअल हरासमेंट कमेटी (कैश) को सौंप दी गई है। पीयू कैश जल्द ही इस मसले पर बैठक कर फैसला लेगी। बता दें शोधकर्ता ने लड़के पर लगभग सात साल से परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस और पीयू प्रशासन के पास छेड़छाड़ की शिकायत आने के बाद विभाग की ओर से लड़के को एक हफ्ते के लिए निष्कासित कर दिया गया था। पीयू कैश की अध्यक्ष डॉ. मुधरिमा ने बताया कि इस मामले में अभी कमेटी की बैठक नहीं हुई है। पीयू कैश मामले की जांच करेगी। बिना जांच के पहले कुछ नहीं कहा जा सकता।
पीड़िता ने इस मामले में 20 मई को पुलिस में मामला दर्ज करवाया था, जिसके बाद लड़का जमानत पर छूट गया था। पुलिस ने इसकी सूचना पीयू सुरक्षा को दी थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई थी। जानकारी के अनुसार जब लड़की एमए कर रही थी। उस दौरान लड़के ने लड़की को प्रपोज किया था, लेकिन लड़की ने मना कर दिया था। कोविड खत्म होने के बाद जब लड़की पीयू परिसर में लौटी तो लड़के ने फिर से लड़की पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। कई बार गाड़ी के जरिए पीछा किया और छेड़छाड़ की कोशिश की। 20 मई को लड़की ने परेशान करने और दबाव बनाने का हवाला देकर पुलिस में मामला दर्ज करवाया था।