चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन की ओर से पुटा के 2022-23 रोडमैप को लेकर बैठक की गई। इसमें चर्चा की गई कि पुटा की ओर से लगातार मांग के बावजूद अभी तक पीयू की ओर से शिक्षकों की (कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम) कैस प्रमोशन का मुद्दा नहीं सुलझाया गया है। वहीं, फैकल्टी डीन के चुनाव स्थगित करने के कारण अब कैस प्रमोशन में देरी होगी। इसके अलावा अकादमिक और शोध में भी बिना डीन के नुकसान हो रहा है।
पुटा की अध्यक्ष सुपिंदर ने बताया कि वीरवार को हुई बैठक में पुटा सदस्यों ने पंजाब सरकार की तर्ज पर शिक्षकों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करवाने को लेकर चर्चा की। वहीं सातवें पे कमीशन को लागू कर तनख्वाह उसके अनुसार जारी करने को लेकर पुटा की ओर से प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद वीसी दफ्तर से सातवें पे कमीशन को जारी करने को लेकर पत्र जारी किया गया। रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक की नियुक्ति में वरिष्ठता सूची की अनदेखी करने के खिलाफ कार्रवाई करवाने को लेकर वीसी से दोबारा बातचीत करने को लेकर चर्चा हुई। डेंटल इंस्टीट्यूट में शिक्षकों की प्रमोशन पॉलिसी को जल्द लागू करवाने को लेकर वीसी से आग्रह करने के लिए सदस्यों ने कहा।
वरिष्ठ शिक्षकों को दिए जाएं सेवानिवृत्ति फायदे
बैठक में पुटा ने वरिष्ठ व सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद आने वाली समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने चर्चा की कि शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद समय से रिटायरमेंट फायदे नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें पीयू प्रशासन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विभागों और सेंटर के विलय को लेकर पुटा ने विरोध किया और भविष्य में विभागों के विलय का विरोध करने पर सहमति जताई। इस दौरान पास्ट सर्विस काउंट नहीं करने पर चिंता व्यक्त की गई, क्योंकि इससे शिक्षकों को नुकसान झेलने पड़ रहे हैं। बैठक के दौरान शिक्षकों के सेक्टर-14 और 25 के रिहायशी क्षेत्रों में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की गई।