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Chandigarh News: जीरकपुर में खड़ी थी कार, जालंधर में चालान, पुलिस नहीं लिख रही शिकायत

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जीरकपुर। आप घर में हों, आपकी कार आपकी पार्किंग में हो और फिर भी अब आपको आपकी कार के चालान या टोल टैक्स कटने के मैसेज आ सकते हैं। यह है जालसाजों के अपराध करने का नया फार्मू्ला। जीरकपुर में ऐसा दो मामलों में हो चुका है पर पुलिस है कि मामला ही दर्ज नहीं करती। ऐसा ही एक मामला जीरकपुर की पटियाला रोड़ पर स्थित एकेएस-2 सोसाइटी में सामने आया है, बताया जा रहा है कि कार यहां मौजूद थी जिसका टोल टैक्स सालंधर में कट गया।कार मालिक जगजीत सिंह ने बताया कि उसकी कार कुछ दिन पहले हादसाग्रस्त हो गई थी तो उसने कार ठीक करवाने के लिए ट्राईसिटी नामक एजेंसी नाभा साहिब में अपनी कार ठीक करवाने के लिए खड़ी की थी। लेकिन सोमवार करीब 11 बजकर 11 मिनट पर उसे एक मैसेज आया कि उसकी टैक्सी नंबर कार का जालंधर के नजदीक निज्जरपुरा टोल पर 60 रुपये का टोल टैक्स कट गया है। जिसे देख़कर वह हैरान हो गए कि उसकी कार तो ठीक करवाने के लिए एजेंसी में खड़ी की हुई है तो फिर जालंधर में उसका टोल कैसे कट सकता है। जिसे लेकर वह अगले दिन जीरकपुर थाने पहुंचे लेकिन पुलिस वालों ने उसे टाल मटोल कर कहा कि वह पहले टोल टैक्स जाएं और पता करे कि टोल टैक्स किस कार का कटा है।
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क्या उसकी कार टोल के कैमरे में आई है या फिर उनसे गलती से टोल कट गया। अगर गलती से कट गया तो वह ठीक कर देंगे और अगर गलती से नहीं कटा तो वह उसकी शिकायत लिख लेंगे। जिस से निराश होकर वह घर लौट आए। उन्होंने कहा कि यह जांच करना पुलिस का काम है,कि कहीं कोई व्यक्ति जाली नंबर कि प्लेट उनकी कार कि लगा कर तो नही घूम रहा।

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पिछले सप्ताह भी जीरकपुर में खड़ी एक कार का कुल्लू में हुआ था चालान

बता दें कि पिछले सप्ताह भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। हरमेश चंद निवासी गाजीपुर की मोहाली नंबर की कार लेकर वह किसी काम से कुरुक्षेत्र गया हुआ था तो शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर जब जीरकपुर पहुंचा तो उसके नंबर पर रेड लाइट जंप करने का चालान अ गया। जबकि उसकी गाड़ी आज तक कुल्लू कभी गई ही नही। जब हरमेश चंद ने चालान का प्रिंट निकवाया तो उसकी स्वीफ्ट कार का नंबर को व्यक्ति जाली नंबर प्लेट लगाकर कुल्लू में घूम रहा है। जिसका चालान कटा था। जिसकी शिकायत उन्होंने थाना जीरकपुर में दी थी जिस पर पुलिस ने डीडीआर काटकर उसको दे दी लेकिन कार्रवाई कोई नही की। जिस पर हरमेश चंद ने कहा की उसे आशंका है कि कोई व्यक्ति उसकी कार की नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा है। कहीं वह गांजे या किसी की सप्लाई करने के लिए न गए हों, उन्हें पुलिस से मदद की गुहार लगाई है के ऐसे व्यक्तियों को कोई बड़ा क्राइम करने से पहले गिरफ्तार किया जाए ताकि वह बिना बात के किसी मामले में ना उलझ जाए।
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कैसे जारी हो सकती हैं दो नंबर प्लेट
ऐसे मामले पहले भी कई बार चुके हैं। जिसे लेकर पुलिस कोई गंभीरता नही दिखा रही है। जबकि हैरानी की बात तो यह है की बात है की एक ही नंबर की दो आईएंडडी की नंबर पेलट्स कैसे जारी हो सकती है। यदि ऐसा हो रहा है आरटीओ विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। जिस तरफ पुलिस व आरटीओ विभाग को ध्यान देना चाहिए।
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