लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली व सिद्धू दंपति के बीच पैदा हुई तल्खी लगता है अभी तक खत्म नहीं हुई। यही वजह है कि अकाली-भाजपा गठजोड़ की ओर से आयोजित रैली में सिद्धू दंपति शामिल नहीं हुए। भाजपा हाईकमान ने लोकसभा चुनाव में सिद्धू का टिकट काट कर अरुण जेटली को देकर अमृतसर संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था।
इसी बात को लेकर कभी राजनीति में अरुण जेटली को गुरु का दर्जा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। इन्हीं मतभेदों के चलते जे टली के चुनाव प्रचार में सिद्धू नहीं आए थे। अरुण जेटली की रैली के लिए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू व नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी ने न्यौता दे रखा था।
डॉ. सिद्धू के निजी सचिव गौरव वासुदेव ने बताया कि मैडम दिल्ली में हैं। नवजोत सिंह सिद्धू को भी बार-बार फोन करके सब कुछ जानने की कोशिश की गई पर उन्होंने काल रिसीव नहीं की।