फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैप्टन की चेतावनी का नहीं कोई असर, मैदान में कांग्रेस के नौ बागी

Thu, 26 Jan 2017 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कैप्टन
विज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ है। चेतावनी के बाद भी कांग्रेस के नौ बागी अभी भी चुनाव मैदान में हैं। निष्कासन की धमकी के बाद सिर्फ एक बागी ही बैठा है। 
विज्ञापन


नौ में से तीन नेता ऐसे हैं, जो पिछले विधानसभा चुनाव में भी आजाद लड़े थे। कांग्रेस ने इस बार बगावत को रोकने के लिए काफी प्रयास किए थे। क्योंकि 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार का प्रमुख कारण बागी उ मीदवार ही थे। 

इस बार पंजाब की इंचार्ज आशा कुमारी, सह प्रभारी हरीश चौधरी ने एक-एक नेता से बात की। कैप्टन अमरिंदर ने भी फोन किए। जिसके बाद काफी लोग मान गए। लेकिन आजाद नामांकन करने वाले दस लोगों ने आखिरी दिन भी नाम वापस नहीं लिए। 
विज्ञापन


जिसके बाद कैप्टन ने बागियों को मंगलवार शाम पांच बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि अगर तब तक बागी नहीं बैठे तो उन्हें पार्टी से हमेशा के लिए निकाल दिया जाएगा। 
विज्ञापन

कार्रवाई पीसीसी का अधिकार : आशा कुमारी

asha kumari
उनकी दोबारा एंट्री पर पाबंदी लगा दी जाएगी। इस चेतावनी के बाद सिर्फ गढ़शंकर से आजाद खड़ीं निमिशा मेहता मान गई हैं। पर बाकी नौ उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें पठानकोट से अशोक शर्मा, सुजानपुर से नरेश पुरी, अमृतसर ईस्ट से मनदीप सिंह मन्ना, अमृतसर साउथ से मनिंदर सिंह पलासौर, बंगा से तरलोचन सूंध, जालंधर वेस्ट से सुरिंदर महे, नकोदर से गुरबिंदर अटवाल, लुधियाना नॉर्थ से हेमराज अग्रवाल और सुनाम से रजिंदर दीपा शामिल हैं।

इनमें से अशोक शर्मा, नरेश पुरी और रजिंदर दीपा 2012 के विधानसभा चुनाव में भी आजाद लड़े थे। हालांकि तीनों में से कोई भी नहीं जीत सका था। पर कांग्रेस उम्मीदवारों का नुकसान हुआ था।

पंजाब की इंचार्ज आशा कुमारी ने माना कि कांग्रेस के नौ बागी मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि गुरबिंदर अटवाल को पार्टी ने टिकट दिया, पर वह भाग गए। हेमराज अग्रवाल का दोहरा फीडबैक है, कुछ लोगों का मानना है कि उनका खड़ा रहना ही बेहतर है। 

रजिंदर दीपा, अशोक शर्मा और नरेश पुरी तो ऑपर्चूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य हैं। ये पिछली बार भी आजाद लड़े थे, पर कोई भी नहीं जीत सका। इससे साफ है कि लोग इनके साथ नहीं हैं। बागियों पर कार्रवाई का अधिकार प्रदेश कांग्रेस कमेटी का है। कैप्टन अमरिंदर सिंह चाहें तो इन्हें आज निकाल सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें