मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने युवा पीढ़ी को बचाने के लिए राष्ट्रीय ड्रग नीति पर जोर देते हुए कहा है कि नशे से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए केंद्रीय स्तर पर व्यापक फार्मूला तैयार किए जाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री के रूप में अपने 2007 के पिछले कार्यकाल से ही ऐसी नीति की मांग कर रहे कैप्टन ने इन तथ्यों पर संतोष जताया कि कुछ प्रदेशों द्वारा अफीम की खेती की बढ़ रही मांग के कारण यह मुद्दा नोटिस में आ गया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रदेशों में अफीम की खेती की जा रही है, जिसके लिए वे पंजाब में आवश्यक मंडी तलाश रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इससे उनके प्रदेश की नौजवान पीढ़ी तबाह हो जाएगी।
सोमवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्र के पास राष्ट्रीय ड्रग नीति का मुद्दा उठाया है और मुख्यमंत्रियों की कांफ्रेंस में भी मामला उठाया था। नशे के खात्मे के लिए स्पष्ट विधि-विधान की जरूरत है। कैप्टन ने कहा कि एक प्रदेश अफीम की पैदावार करता है और दूसरा नहीं करता, तो देश में स्वीकार न किए जाने वाली स्थिति पैदा होती है।
कैप्टन ने कहा कि राष्ट्रीय नीति नशे की खेती की जरूरत को भी स्पष्ट कर सकती है, जिसकी फार्मास्युटिकल उद्योगों के लिए जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीति को तैयार करते हुए केंद्र की ओर से प्रदेशों और विशेषज्ञों को इसमें शामिल करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अब इस मामले को हल कर लिया जाएगा।