मेमोरियल का उद्घाटन करने के दौरान प्रकाश सिंह बादल
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि बादल सरकार अपनी सियासी शतरंज के लिए पूर्व सैनिकों का प्यादों की तरह इस्तेमाल कर रही है। रविवार को अमृतसर के रणजीत एवेन्यू रैली ग्राउंड में ले जाते समय उन्हें गुमराह किया गया।
कैप्टन ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने विधानसभा चुनाव के कुछ माह पहले अमृतसर में वार मेमोरियल का उद्घाटन कर सियासी चालाकी की। पूर्व सैनिकों व शहीदों के परिवारों के साथ बुरा बर्ताव करने का बादलों का इतिहास रहा है।
पूर्व सैनिकों ने बताया कि उन्हें उद्घाटन स्थल पर ले जाना था, लेकिन उन्हें तब बड़ा झटका लगा, जब वास्तव में उन्हें बादल की रैली वाले स्थान पर ले जाया गया। 50 प्रतिशत से ज्यादा पूर्व सैनिक बादल के संबोधन से पहले रैली ग्राउंड से जा चुके थे, जिससे साफ होता है कि ईमानदार पूर्व सैनिकों को अकाली सरकार पर भरोसा नहीं है।
'बादल के संबोधन से पहले चले गए पचास फीसदी पूर्व सैनिक'
Captain Amarinder Singh
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सरकार ने बीते सालों के दौरान हर पक्ष से पूर्व सैनिकों के हितों की अनदेखी की है। कैप्टन ने कहा कि बड़े प्रचार के साथ किए गए वार मेमोरियल के उद्घाटन को लोगों ने पैसे की बर्बादी करार दिया है। पंजाब को मेमोरियल की जरूरत नहीं, बल्कि मौजूदा मेमोरियल की संभाल और पूर्व सैनिकों व जंगी विधवाओं की समस्याएं हल करने की जरूरत है।
कैप्टन ने बादल की ओर से डीसी और एसएसपी को उनके दफ्तर में किसी पूर्व सैनिक के आने पर खड़े हो जाने के निर्देश पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार की ओर से सैनिकों के साथ किए जा रहे सौतेली मां वाले सलूक को देखते हुए यह भी सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट है।
जो चुनाव को देखते हुए किया गया है। पूर्व सैनिक पंजाब में बड़ा वोट बैंक रखते हैं, इसलिए बादल अचानक उन्हें खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सरकार से वित्तीय सहायता की मांग करते हुए जंगी विधवाएं लड़ाई लड़ रही हैं।
वे सरकार की ओर से घोषित पचास लाख की राशि को नकार चुके हैं। पूर्व सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने भी वार मेमोरियल के उद्घाटन समागम में देश में पंजाब की भूमिका में आई गिरावट का जिक्र किया था। उन्होंने राज्य के हालातों के प्रति अपना दुख प्रकट किया था, जो अकालियों के शर्मिंदगी की बात है।