प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी की मन की बात पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि पीएम ने अपने गृह राज्य गुजरात में दलित युवकों से हुई मारपीट का जिक्र ही नहीं किया। उनके प्रति हमदर्दी का एक शब्द तक नहीं कहा।
मोदी ने दक्षिण अफ्रीका दौरे को तीर्थ यात्रा जैसा बताते हुए समानता केलिए संघर्ष करने वालों से मिलने का अवसर पाने की बात कही थी। कैप्टन ने कहा कि बेहतर होगा कि मोदी ऊना में एक तीर्थ यात्रा करें। वहां उन दलित युवकों से मिलें जो सिर्फ संघर्ष ही नहीं कर रहे, बल्कि अपनी जिंदगी केप्रत्येक दिन को झेल रहे हैं। अच्छे काम की शुरुआत घर से ही होती है और मोदी जैसे व्यक्ति के अलावा यह किसी और से उम्मीद करना उचित नहीं होगा, जिन्होंने गुजरात पर बारह साल शासन किया।
मोदी चाहते हैं कि हर भारतीय स्वतंत्रता दिवस को औपचारिक तौर पर मनाएं। 69 सालों से हर भारतवासी यही कर रहा है, किसी को याद दिलाने की जरूरत नहीं है। कैप्टन ने मोदी से सवाल किया कि ऊना के युवकों केसाथ जो हुआ, उसके बाद इनके लिए आजादी का क्या अर्थ होना चाहिए। या तो मोदी देश के हालातों के प्रति अनजान हैं, या जानबूझ कर उन्होंने दलितों के साथ हो रहे अत्याचारों की निंदा न करने का फैसला किया है। वरना ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे को कोई कैसे नजरंदाज कर सकता है। पीएम ने तकनीक की खोज की बात की, लेकिन उन्हें सांप्रदायिकता और छोटी सोच के उदारीकरण के बारे में भी बात करनी चाहिए।