पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
पंजाब कांग्रेस ने नाभा जेल ब्रेक का कारण बनी ढील के लिए डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि अकाली सरकार अपराधियों को शह दे रही है, इसके अधीन निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।
सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लाल सिंह व साधू सिंह धरमसोत ने कहा कि खतरनाक आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू समेत पांच अपराधियों के भागने में अंदरूनी साजिश का एसआईटी ने खुलासा किया है। अब सुखबीर उस पर परदा डालने की कोशिश कर रहे हैं। एसआईटी की ओर से गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में सुखबीर के इस मामले में आईएसआई का हाथ होने के दावों को झूठा साबित कर दिया है। रिपोर्ट में जेल अधिकारियों और गैंगस्टरों की मिलीभगत का खुलासा किया गया है। सुरक्षा नियमों को लागू करने में जेल अधिकारियों की गंभीर कमियों पर जोर दिया गया है।
साथ ही अंदरूनी तत्वों के हाथ होने की साजिश का भंडाफोड़ किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में गहन जांच के बगैर ही आईएसआई का नाम लेना, जेल ब्रेक की साजिश पर परदा डालने की उनकी कोशिश को साबित करने के लिए काफी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल सरकार चुनाव में अकाली हितों को प्रमोट करने को गैंगस्टरों का इस्तेमाल करने को उन्हें संरक्षण दे रही है, जिसे एसआईटी की रिपोर्ट ने और पुख्ता कर दिया है। मामले के ठंडा पड़ने से पहले एक स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस ने पंजाब में बिना देरी के चुनाव आचार संहिता लागू करने की मांग को फिर दोहराया ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था को और बिगड़ने से रोका जा सके।