आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने ड्रग्स केस में एसआईटी की तरफ से विक्रम मजीठिया को क्लीन चिट दिए जाने के मामले की दोबारा जांच के कैप्टन अमरिंदर के वादे को हास्यास्पद बताया है।
उन्होंने कैप्टन से सवाल किया है कि पहले उन्होंने मजीठिया को सीबीआई जांच से क्यों बचाया था। मान ने कहा कि कैप्टन ने मजीठिया को एसआईटी द्वारा क्लीन चिट दिए जाने की फिर से जांच कराने का वादा किया है।
यह पंजाबियों के लिए हंसी वाली बात है। जो जानते हैं कि कैप्टन ने ही मजीठिया को सीबीआई जांच से बचाया था। कैप्टन ने ड्रग रैकेट में मजीठिया की शमूलियत की सीबीआई जांच की अपनी ही पार्टी की मांग को ठुकरा दिया था।
सांसद भगवंत ने अमरिंदर से किए सवाल
भगवंत मान
क्या अब उन्हें पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं रहा। इसने मजीठिया ही नहीं, बिट्टू औलख, जगजीत चाहल, सतनाम सत्ता और जगदीश भोला को भी क्लीन चिट दे दी है।
ड्रग रैकेट के सरगना जगदीश भोला ने अदालत के बाहर मीडिया के सामने मजीठिया का नाम लिया था। ईडी द्वारा संदिग्धों से पूछताछ में भी मजीठिया का नाम आया था।
औलख, चाहल, औलख के पिता प्रताप औलख, पत्नी जगमिंदर कौर ने कहा था कि जिन तीन एनआरआई के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, मजीठिया उनके संपर्क में था। मजीठिया के भरोसे योग्य लोगों में सतप्रीत सत्ता, अमरिंदर लाडी और परमिंदर पिंदी थे, यह सभी कनाडा के ऐडमंटन से संबंधित थे।