कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर लाल किले में जो हुआ उस पर किसी भी भारतीय को गर्व नहीं हो सकता। लाल किला हमारी स्वतंत्रता और लोकतंत्र का प्रतीक है। यह एक दुखद दिन था जब मैंने हिंसा होते देखा। कैप्टन ने आगे कहा कि मैं नहीं मानता कि किसान हिंसा में शामिल थे। जांच अधिकारी मामले की जांच करे और हिंसा में कौन शामिल है, उसकी पहचान करे।
मुझे लगता है कि आंदोलन को बदनाम कर दिया गया है। पूरी दुनिया किसानों का समर्थन कर रही थी। लेकिन जिस क्षण हिंसा हुई उस समय आंदोलन ने अपना उत्साह खो दिया था। किसानों की 12 बैठकें हो चुकी हैं। लेकिन कोई हल नहीं निकला है। अगर मैं बैठक की अध्यक्षता कर रहा होता तो मैं पहले दिन इसे समाप्त कर देता। लंबे समय तक गतिरोध के बने रहने का क्या कारण है। कैप्टन ने आगे कहा कि सरकार को किसानों के साथ संपर्क बनाए रखना चाहिए। किसानों को भी बैठकों में जाना चाहिए। इस मुद्दे को हल किए बिना ऐसे जारी नहीं रखा जा सकता है।