चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा मिल गया है। इस्तांबुल में आयोजित यूनेस्को की मीटिंग में कैपिटल कॉम्प्लेक्स के नाम पर मुहर लगी। 7 देशों की 17 साइट जो ली कार्बूजिए ने डिजाइन की है, उन्हें अब विश्व धरोहर के तौर पर नई पहचान मिल गई है। इनमें कैपिटल कॉम्प्लेक्स भी एक है।
ली कार्बूजिए फाउंडेशन ने इन सभी साइट्स की कॉमन एंट्री यूनेस्को के पास हेरिटेज स्टेटस के लिए भेजी थी। इसमें भारत से केवल कैपिटल कॉम्प्लेक्स इकलौती साइट थी। अकेले फ्रांस से 10 साइट्स थीं। 6 अन्य साइट्स स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, जर्मनी, अर्जेंटिना और जापान से थीं। तुर्की में तख्ता पलट के संकट को देखते हुए वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी की मीटिंग को पहले टाल दिया गया था।
अधिकारियों को होटलों में ही रहने की हिदायत दी गई थी। तख्ता पलट की नाकाम कोशिश के बाद जैसे ही हालात सुधरे तो वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी ने फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया। चंडीगढ़ के चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया प्रशासन की ओर से इस्तांबुल गए हैं।
हेरिटेज स्टेटस मिलने के बाद अब चंडीगढ़ विश्व में रॉक गार्डन के साथ कैपिटल कॉम्प्लेक्स के नाम से भी जाना जाएगा। कैपिटल कॉम्प्लेक्स का आकर्षक आर्किटेक्ट वर्क देखने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
तुर्की के हाथ थी इस बार कमान
21 देश वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी के सदस्य हैं। इन देशों के प्रतिनिधि ही कमेटी में शामिल हैं। हर साल किसी एक देश का प्रतिनिधि इसका अध्यक्ष होता है। उसी देश में कमेटी का अंतिम सेशन होता है। इस बार कमान तुर्की के हाथ में थी। इसलिए अंतिम सेशन तुर्की के इस्तांबुल में हुआ।
आर्किटेक्चर वर्क के लिए मशहूर
सेक्टर-1 स्थित कैपिटल कॉम्प्लेक्स में ली कार्बूजिए की डिजाइन पंजाब एवं हरियाणा विधानसभा, हाईकोर्ट और सेक्रेटेरिएट की अलग विशेषता रखने वाली बिल्डिंग है, जबकि ओपन हैंड, टॉवर ऑफ शेडो और ज्योमेट्रिकल हिल जैसे मॉन्यूमेंट्स हैं।