प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की धज्जियां जमकर उड़ाई जा रही हैं। कारनामा भी ऐसा किया गया है, देखकर पीएम साहब को झटका लगा जाएगा। स्वच्छता अभियान को लेकर नित नयी योजनाएं शुरू कर रहे हैं। भारी-भरकम बजट खर्च कर लोगों में स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है। घर-घर शौचालय के निर्माण हो रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच एक विश्वविद्यालय ऐसा भी है जिसमें एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है।
हैरान करने वाली बात तो यह है कि दशक पहले शौचालय तो बने थे, लेकिन उनका कभी शौचालय के रूप में इस्तेमाल ही नहीं हुआ। किसी में कैंटीन चल रही है तो किसी में सूचना केंद्र और सिक्योरिटी कार्यालय। बात हो रही है ए ग्रेड दर्जा हासिल करने वाले महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ रही है।
इतने बड़े विश्वविद्यालय में जहां हर रोज हजारों की तादात में विद्यार्थियों का आना-जाना होता है, वहां पर एक भी सार्वजनिक शौचालय ही नहीं है। हालांकि विश्वविद्यालय के विभागों में शौचालय जरूर है। कोई बाहर से विद्यार्थी या कोई अन्य व्यक्ति आता है तो सार्वजनिक शौचालय न होने पर उसे परेशानी होती है।