जालंधर। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने एक सभा में युवाओं को कहा कि कनाडा आपका है, आपको ही सौंपा जाएगा। अगले साल इमिग्रेशन की नीतियों में बदलाव किया जाएगा। इस बयान के बाद से पंजाबियों में चिंता बढ़ गई है।
ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कनाडा सरकार यह कदम बढ़ती आबादी के कारण आवास, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबावों को कम करने के लिए उठा रही है। 2026 में स्थायी निवासियों की संख्या कम करने की घोषणा की है। कनाडा ने पीआर के लिए 2026 का लक्ष्य तीन लाख 80 हजार रखा है, जो पहले के पांच लाख के लक्ष्य से काफी कम है।
इस संख्या में भी कटौती करने की तैयारी की जा रही है। यह पहली बार है कि कनाडा ने अस्थायी निवासियों (जैसे अंतरराष्ट्रीय छात्र और विदेशी श्रमिक) की संख्या को भी लक्षित किया है।
कनाडा इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर सिंह के मुताबिक, कनाडा सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक अस्थायी निवासियों की संख्या को कनाडा की कुल जनसंख्या के 5 फीसदी तक सीमित कर दिया जाए। नए एक्सप्रेस एंट्री श्रेणियाें के मुताबिक, सरकार कुछ विशेष व्यवसायों (जैसे वरिष्ठ प्रबंधन, वैज्ञानिक अनुसंधान और सैन्य) में कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए 2026 के लिए नई एक्सप्रेस एंट्री श्रेणियां शुरू करने की योजना बना रही है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य कनाडा में अप्रवासन को अधिक स्थायी और प्रबंधनीय बनाना है, जिससे देश की आर्थिक और सामाजिक जरूरतों को बेहतर ढंग से संतुलित किया जा सके।
कनाडा स्टडी वीजा एक्सपर्ट पूजा सिंह का कहना है कि अगला साल पंजाबियों के लिए काफी अहम रहेगा। वर्क परमिट बढ़ाए नहीं जा रहे हैं और पीआर भी नहीं दी जा रही। इसका मतलब है कि अगले साल कनाडा से भारी संख्या में युवाओं को वहां से वापस आना होगा। हालांकि कनाडा ने अगले साल 3 लाख 80 हजार पीआर का टारगेट रखा है लेकिन इसमें कटौती की जा सकती है।