मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीरवार को कहा कि पंजाब सरकार गुजरात और हिमाचल के चुनावी नतीजों यानी 18 दिसंबर के बाद मंत्रिमंडल में विस्तार करेगी। उन्होंने किसी को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में एक ही बार उप मुख्यमंत्री पद रहा था, बाद में इस पोस्ट को खत्म कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को एक निजी होटल में अमृतसर के विधायकों और सांसद के साथ विकास योजना पर बैठक की। उन्होंने गुरु नगरी में सूबे के शहरी विकास के लिए पार्टी की ओर से बनाई गई योजनाओं के दस्तावेज जारी किए। उन्होंने पत्रकारवार्ता में कहा कि कांग्रेस ने जो वादा जनता से किया था, वह जरूर पूरे होंगे। आठ माह में सभी वादे पूरे करना नामुमकिन था, लेकिन सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। किसानों की कर्ज माफी का एलान और स्मार्ट फोन देने का काम एक साथ निगम चुनावों के बाद शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जब सत्ता संभाली तो खजाना खाली था और करोड़ों का कर्ज ऊपर से। कांग्रेस ने अब तक खजाना भरने व मुलाजिमों के वेतन जुटाने में लगी रही। सरकार ने अब तक पांच हजार करोड़ के एग्रीमेंट व्यापारिक घरानों से किए हैं।
सीएम ने कहा कि जीएसटी बेहतर है, लेकिन इसे जल्दबाजी में लागू किया गया। श्री दरबार साहिब के लंगर पर से जीएसटी हटाया जाए, पंजाब सरकार इसके पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार जब सत्ता में कांग्रेस आई तब एक्साइज पॉलिसी लागू हो चुकी थी, लेकिन 2018 में एक्साइज पॉलिसी बदली जाएगी। केरल, तमिलनाडु और राजस्थान की एक्साइज पॉलिसी पर रिसर्च चल रही है। कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस ने निगम टिकट बंटवारे में परिवारवाद से दूर रखा है। उसे ही टिकट दी गई है, जो सीट जीत सकने में समर्थ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पार्टी मजबूत होगी।
व्यापार नीति में होगा बदलाव, सिंगल विंडो से होगा काम
cm captain amarinder singh
पंजाब सरकार सूबे में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यापार नीति में बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने देश-विदेश से व्यापार को पंजाब में लाने के लिए सिंगल विंडो से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूबे में पूंजी निवेश करने वाले उद्योगपतियों को हर सुविधाएं मिलेंगी। नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकारों की अनदेखी से राज्य की औद्योगिक हब के रूप में पहचान समाप्त हुई है। इसके चलते राज्य सरकार ने कंडी क्षेत्र, सीमावर्ती क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए विशेष नीति लागू की है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद सुनील जाखड़ ने कहा कि पीएचडी चैंबर की ओर से उद्योगपतियों और सरकार के बीच सेतु का काम किया जा रहा है। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अनिल खेतान ने मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर स्वागत किया। इस दौरान पीएचडी चैंबर आफ कामर्स के महासचिव सौरव, प्रधान निदेशक डॉ. रणजीत मेहता, पंजाब कमेटी के चेयरमैन आरएस सचदेवा, को-चेयरमैन करण गिल्होत्रा भी मौजूद थे।
औद्योगिक विकास बढ़ाने की जरूरत : सिद्धू
निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब में औद्योगिक विकास को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाने की जरूरत पर जोर देना होगा। पीएचडी चैंबर की ओर से आयोजित कार्यक्रम ने उद्योगपतियों को अपना उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए विशेष मंच प्रदान किया है।