चंडीगढ़। शहर के कैब चालकों ने एक बार फिर एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। चालकों ने इन एप के बहिष्कार की घोषणा की है और पिछले कई दिनों से एलांते मॉल के पास कैब चालकों को समझाते हुए नजर आ रहे हैं। चालकों का कहना है कि कंपनियां प्रत्येक राइड से भारी कमीशन वसूल रही हैं, जिसकी वजह से चालकों के पास कुछ नहीं बचता। इसलिए एप से बुकिंग न लेकर सरकारी रेट पर कैब चलाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।ट्राइसिटी कैब चालक यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि कैब चालक अब प्रमुख स्थानों पर जाकर एग्रीगेटर कंपनियों के मोबाइल एप के माध्यम से बुकिंग ले रहे चालकों को समझा रहे हैं। कहा कि उन्होंने सेक्टर 25 के रैली ग्राउंड में भूख हड़ताल कर भी देख लिया लेकिन प्रशासन की तरफ से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। शहर में धड़ल्ले से निजी नंबरों पर टैक्सियां चल रही हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। एग्रीगेटर कंपनियां कैब चालकों से भारी कमीशन वसूल रही हैं। इसकी वजह से कैब चालकों के पास काफी कम पैसा बच रहा है। वह बहुत मुश्किल से अपने घर का खर्च चला पा रहे हैं। आमदनी इतनी कम रह गई है कि गाड़ी की इंश्योरेंस का पैसा भी नहीं निकल रहा है। अब क्योंकि प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं इसलिए कैब चालकों ने खुद ही जमीन पर उतरकर अपने हक के लिए आवाज उठाने की कोशिश शुरू की है। इसी कड़ी में पहले एलांते मॉल के पास कई दिनों तक कैब चालकों को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि वह एग्रीगेटर कंपनियों के मोबाइल एप के माध्यम से बुकिंग न लें बल्कि वह प्रशासन की ओर से तय किए गए सरकारी रेट पर ही गाड़ी चलाएं, जो कि 25 रुपये प्रति किलोमीटर है।
एलांते मॉल के पास कई लोगों से चालकों की हुई बहस
पिछले दिनों एलांते मॉल की एक वीडियो भी वायरल हुई, जिसमें एक युवती कैब चालकों के साथ झगड़ती नजर आई। युवती का कहना था कि विवाद कैब चालक और एग्रीगेटर कंपनियों के बीच है। ऐसे में उन्हें क्यों परेशान किया जा रहा है। हालांकि, कैब चालक हाथ जोड़कर यह कहते हुए नजर आए कि उनकी रोजी-रोटी का सवाल है। लोगों को भी साथ देना चाहिए। बहिष्कार के तहत रेलवे स्टेशन के बाहर 21 अप्रैल को सुबह 10 बजे चालक रेलवे स्टेशन में टैक्सियों की एंट्री पर रोक लगाएंगे ताकि उनकी आवाज चंडीगढ़ प्रशासन तक पहुंच जाए।