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Chandigarh News: पहले ही नुकसान में गाड़ियां चला रहे कैब चालक, डबल पार्किंग वसूली बड़ा भेदभावः विक्रम सिंह पुंडीर

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चंडीगढ़। नगर निगम की नई प्रस्तावित पार्किंग नीति के खिलाफ बुधवार को ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त अमित कुमार और संयुक्त आयुक्त सुमित सिहाग से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया। यूनियन ने इस नीति को कैब और टैक्सी चालकों के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
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यूनियन के अध्यक्ष विक्रम सिंह पुंडीर ने कहा कि वह भीख नहीं मांग रहे हैं। अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। अगर निजी वाहनों को 15 मिनट की पार्किंग छूट दी जा सकती है, तो व्यावसायिक वाहनों को भी कम से कम पिक एंड ड्रॉप की सुविधा मिलनी चाहिए। एसोसिएशन का आरोप है कि निजी वाहनों को प्राथमिकता देना और टैक्सी चालकों पर अतिरिक्त बोझ डालना सामाजिक और आर्थिक रूप से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कैब चालक पहले ही नुकसान में गाड़ियां चला रहे हैं और कई तरह के टैक्स दे रहे हैं। वह हर साल करीब 36,000 रुपये ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट फीस 2,000 रुपये ऑथराइजेशन शुल्क, 5200 रुपये स्टेट टैक्स, 2000 रुपये पासिंग फीस, डबल इंश्योरेंस, हर ट्रिप पर 5 फीसदी टैक्स और प्लेटफॉर्म कमिशन जैसे कई शुल्क चुका रहे हैं। इसकी वजह से कैब चालक पहले ही बहुत परेशान हैं। यूनियन का कहना है कि जब सरकार रोजगार नहीं दे पा रही, तो जो लोग मेहनत से अपनी आजीविका चला रहे हैं, उनकी रोजी-रोटी नहीं छीननी चाहिए। संयुक्त आयुक्त सुमित सिहाग ने यूनियन की बात को उचित बताते हुए विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में विक्रम सिंह पुंडीर, कुलजीत सिंह, वरदीप सिंह, प्रदीप कुमार और बलवीर सिंह उपस्थित रहे।
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यूनियन ने रखी ये मांगें
- टैक्सियों को भी निजी वाहनों की तरह पिक एंड ड्रॉप की छूट मिले
- पार्किंग शुल्क दोनों श्रेणियों के लिए समान हो
- टैक्सी चालक इंसान भी हैं, वो अपने काम के लिए भी कहीं जा सकते हैं, इसलिए उनसे निजी वाहनों वाली फीस ही ली जाए
- पिक एंड ड्रॉप के लिए 15 मिनट का समय दिया जाए
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