पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अकाली शर्मनाक सियासत से बाज आ जाएं। भेदभाव के शिकार सिखों का भारत में स्वागत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ना तो वह और ना ही कांग्रेस दूसरे देशों में सताए जा रहे हिंदुओं, सिखों को भारत में नागरिकता देने के विरुद्ध हैं।
कैप्टन ने कहा कि वह मुस्लिम और दूसरे धर्मों को सीएए से अलग-थलग करने के खिलाफ हैं। धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। वह कहीं भी भेदभाव का शिकार हो रहे सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों के लोगों का भारत में आकर वास करने पर स्वागत करते हैं।
कैप्टन ने कहा कि अकालियों ने पाकिस्तान में सिखों और धार्मिक संस्थाओं पर हमले के मुद्दे पर राजनीति की, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने निंदा करते हुए कहा कि अकाली दल पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति की तुलना भारत में लाए गए असंवैधानिक नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से कर रहा है। खासकर हरसिमरत कौर बादल निंदनीय बयानबाजी से पाकिस्तान में गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हमला कर रही हैं।
सिख नौजवान की मौत को कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध सियासी लड़ाई में हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने हरसिमरत द्वारा किए गए ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में भारत में सीएए की वकालत कर रही हैं और सीएए की आलोचना करने के लिए उन पर (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) और कांग्रेस के नेताओं पर हमले कर रही हैं।