चंडीगढ़। आप नेता के भाई से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए चार्टर्ड अकाउंटेंट को सीबीआई की विशेष अदालत ने जमानत दे दी है। मामले में 18 सितंबर को सीबीआई की टीम ने आरोपी सीए विकास अग्रवाल को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। मामले में तीन माह से जेल में बंद चल रहे सीए की ओर से दायर की जमानत याचिका पर उसके वकील ने कहा कि मामले की जांच पूरी कर सीबीआई कोर्ट में चालान भी पेश कर चुके हैं।
केस में कई सारे गवाह बताए गए हैं, जिसमें उनकी गवाही में काफी समय लग सकता है, तब तक उसे हिरासत में रखने का कोई मतलब नहीं बनता है। उसे केस में झूठा फंसाया गया है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, सीबीआई के वकील नरेंद्र सिंह ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी याचिकाकर्ता ने स्वयं रिश्वत लेने के आरोप को स्वीकार किया है। आरोपी पर लगे आरोप गंभीर है, जमानत दिए जाने पर केस संबंधित गवाहों को प्रभावित कर सकता है। मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने दायर याचिका को मंजूर करते हुए आरोपी को जमानत दे दी है।
यह है मामला
मामले में शिकायतकर्ता आप नेता के भाई सूरजमुखी शर्मा ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि उनकी सेक्टर-30 में आर्ट एंड डिजाइनिंग की कंपनी है। आरोपों के तहत सीए ने शिकायतकर्ता से केनरा बैंक के क्रेडिट लिमिट के ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात कहते हुए उसके पक्ष में रिपोर्ट बनाने के एवज में ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा डेढ़ लाख में तय हुआ था। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने सेक्टर-30 में स्थित सूरजमुखी के दफ्तर के नीचे उस समय ट्रैप लगा दिया, जब आरोपी सीए रिश्वत के तौर पर नकद 50 हजार रुपये की रकम लेने पहुंचा था। हालांकि आरोपी सीबीआई की टीम को देखकर रिश्वत की रकम कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गया था, जिसे सीबीआई ने मोहाली से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।