पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर एक साथ काम चल रहा है। वाइल्ड लाइफ को बढ़ावा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हरिके पत्तन के नजदीक ब्यास बेल्ट में घड़ियाल की उपलब्धता बढ़ाने पर होम वर्क किया जा रहा है।
फरवरी-मार्च 2016 में ब्यास बेल्ट में पहले चरण में 15 नर एवं मादा घड़ियाल छोड़े जाएंगे। इसके लिए पंजाब वाइल्ड लाइफ विभाग एवं वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर की टीम ने सर्वे कर लिया है।
हरिके पत्तन वाटर बॉडी में 2009 में पहली बार डाल्फिन मिली थी। अब वहां पर करीब 15 डाल्फिन हैं। इसके अलावा नेवले से पांच गुना बड़े आकार का ओटर भी काफी संख्या में मौजूद है।
साथ ही जंगली सुअर, बिल्ली, कई प्रजाति की मछलियों समेत कई जल जीव इस वाटर बॉडी में मौजूद हैं। माहिरों का मानना है कि पर्यावरण संभाल एवं इको सिस्टम को सही रखने के लिए आपस में सपोर्ट करने वाले जानवरों की मौजूदगी अनिवार्य है।
इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाए जा रहे हैं। वाटर बॉडी में फिलहाल घड़ियाल मौजूद नहीं हैं। साथ ही नदियों के आसपास से भी घड़ियाल खत्म हो चुके हैं।
देश भर में 15 जगह किए जा रहे सर्वेः गुनबीर का कहना है कि घड़ियाल को पानी में छोड़ने के बाद उनकी मॉनीटरिंग की जाएगी और उनके सरवाइवल पर निगाह रखी जाएगी।
पहले चरण की कामयाबी के बाद आगे की योजना को अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल छतबीड़ चिड़ियाघर में करीब पांच घड़ियाल मौजूद हैं।
15 घड़ियालों की उपलब्धता जानने के लिए भी देश भर के प्रमुख स्थानों पर सर्वे किया जा रहा है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफएन और वाइल्ड लाइफ ने पूरा किया सर्वे
ब्यास में कई जगहों पर पानी के साथ सैंड बैंक मौजूद हैं। गांव करमोवाल के नजदीक घड़ियाल छोड़ने की योजना बनाई जा रही है। माहिरों ने यह एरिया घड़ियाल के रहने के लिए सबसे अधिक उपयुक्त पाया है।
-गुनबीर सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफएन पंजाब चैप्टर के चेयरमैन