चंडीगढ़। अपहरण और दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को जमानत देने के लिए पेश हुए फर्जी जमानती के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अदालत के आदेशों पर सेक्टर-36 थाना पुलिस ने अज्ञात फर्जी जमानती के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की जज स्वाति सहगल के रीडर श्याम लाल हैं। पुलिस ने आरोपी की पहचान जुटाने के लिए जांच शुरू कर दी है। सारंगपुर थाना पुलिस ने पिछले साल अमित सिंह नामक आरोपी के खिलाफ नाबालिग के अपहरण और उससे दुष्कर्म करने के आरोपों में मामला दर्ज किया था। अमित को इस मामले में हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। उसके जमानती के तौर पर अमनदीप नाम का शख्स पेश हुआ। उसने 10 लाख रुपये की कीमत वाली एक संपत्ति की फर्द अदालत में पेश की। यह संपत्ति खरड़ के गांव दाऊ माजरा में है। अदालत ने मामले में नकली अमनदीप द्वारा पेश की गई जमीन की फर्द के बारे में संबंधित तहसीलदार को सूचना भेज दी थी। तहसीलदार ऑफिस से सूचना जमीन के मालिक को भेजी गई। ऐसे में अमनदीप ने अदालत को आकर बताया कि संपत्ति की जो फर्द जमानत के तौर पर दी गई है उसके असली मालिक वह ही है, लेकिन वह आरोपी अमित को नहीं जानते और न ही उन्होंने जमानत दी थी।
आरोपी ने जमानती कार्रवाई के दौरान खुद को मोहाली जिले के दाऊ माजरा का अमनदीप सिंह दिखाया ताकि वह एक आपराधिक मामले में श्योरिटी दे सके। जमीन का असली मालिक अमनदीप पेश हो गया और उसने श्योरिटी बांड रद्द करने संबंधी एक अर्जी दायर की। अर्जी में उसने अदालत को बताया कि वह कभी भी आरोपी अमित सिंह की श्योरिटी भरने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ। इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने अज्ञात पर मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को कहा था। जानकारी क मुताबिक आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड व जाली कागजातों का इस्तेमाल करते हुए यह कृत्य किया था। आरोपी ने एनआरआई के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगा दी थी और अदालत में जमानती बनकर पहुंच गया था।