बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में सीजेएम अदालत में बचाव पक्ष की ओर से बहस मंगलवार को भी जारी रही। बचाव पक्ष के वकील तरमिंदर सिंह ने कोर्ट में बताया कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के सभी हत्यारोपियों ने जेल ब्रेक से पहले डीएस संधू से जेल परिसर में ही लड़ाई की थी।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि हत्यारोपियों को प्रशासन की ओर से काफी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं, जिसके लिए जेल प्रशासन उन्हें इंकार कर चुका था।
बचाव पक्ष ने बहस करते हुए कहा कि आतंकियों जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा ने जेल में रहते हुए डीएस संधू से मारपीट की थी। इसके बाद आईजी जेल के आदेश पर उनके बैरक की तलाशी ली गई तो वहां से काफी सामान बरामद हुआ, जोकि कि एक कैदी के बैरक में नहीं होना चाहिए था।
जेल प्रशासन की ओर से उन्हें केवल कृपाण रखने की अनुमति थी। जेल में तीनों आए दिन झगड़ा करते थे। उन्होंने सुरेंद्र शर्मा से भी मारपीट की थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने तीनों को नाभा जेल शिफ्ट करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इससे इंकार कर दिया था।
उनका कहना था कि जेल ब्रेक घटना से पहले जेल प्रशासन की ओर से सुविधाएं न देने के बावजूद प्रशासन और आईजी जेल की ओर से उन्हें कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं।