मोहाली खरड़। जिले में पड़ने वाले गांव मस्तगढ़ में एक बिल्डर की ओर से श्मशानघाट की तरफ जाने वाले गांव के रास्ते में ही प्लॉट काटकर बेच दिया। इसके चलते गांव वालों के लिए श्मशानघाट तक जाने के लिए कोई रास्ता ही नहीं बचा। गांव मस्तगढ़ की सरपंच कृपाल कौर, लंबरदार रूलदा सिंह, रिंकू सिंह, मनजीत सिंह व अन्य लोगों ने बताया कि उनके गांव में एक नामी कंपनी द्वारा कॉलोनी काटी जा रही है। मास्टर प्लान के अनुसार गांव से श्मशानघाट को जाने के लिए 22 फुट चौड़ी सड़क है। गांव की शुरुआत से लेकर श्मशानघाट तक वह पक्की सड़क बनी हुई है लेकिन अब बिल्डर ने श्मशानघाट से कुछ दूरी पहले ही एक अन्य प्लॉट काटकर बेच दिया। उस प्लॉट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस कारण लोगों का श्मशानघाट तक जाने का रास्ता ही बंद हो गया है। वह इस मामले को लेकर तहसीलदार, बीडीपीओ, पंचायत सेक्रेटरी सभी को शिकायत की है लेकिन अब तक किसी अधिकारी की ओर से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया है और न ही इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों की मिलीभगत से मास्टर प्लान में डलवा दिया प्ल
गांव के लोगों ने बताया कि इस मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों की भी मिलीभगत साफ नजर आ रही है क्योंकि जब गांव के लोगों ने उस प्लॉट के निर्माण का विरोध किया तो प्लॉट मालिक ने उन्हें मास्टर प्लान दिखाया जिसमें उसका प्लॉट मास्टर प्लान में इस प्लॉट को शामिल करवाया गया है। साथ ही यह भी सवाल खड़ा होता है कि अगर सरकारी सड़क बीच में आ रही थी तो कॉलोनी के मास्टर प्लान को मंजूरी कैसे मिल गई।
पंचायत के पक्ष में हुआ फैसला
इस सड़क के मामले में पहले ही गांव की पंचायत के पक्ष में फैसला हो चुका है और कब्जा वारंट भी जारी हो गया है। इस संबंधी एसडीएम खरड़ को पत्र भेजकर पुलिस फोर्स और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की गई है और वह गांव का दौरा भी कर चुके हैं। - प्रदीप शारदा, बीडीपीओ, खरड़
गांव की पंचायत को कब्जा दिलाया जाएगा
यह मामला उनकी जानकारी में है और गांववासियों के पक्ष में कब्जा वारंट भी जारी हो चुके हैं। पहले माल अफसरों की हड़ताल के कारण इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती नहीं हो सकी थी परंतु अब जल्दी ही इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके सड़क की जगह को खाली करवाया जाएगा और गांव की पंचायत को सड़क का कब्जा दिलाया जाएगा। इस संबंधी मौके पर निशानदेही करवाई जाएगी और यदि सड़क की जगह पर कोई निर्माण हुआ पाया गया तो उसे हटा कर सड़क को खाली करवाया जाएगा। - रविंदर सिंह, एसडीएम, खरड़