मोहाली। जिला अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में फंसे बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। बाजवा ने अपने वकील के माध्यम से जमानत याचिका दायर की थी, जिसका सरकारी वकील ने विरोध किया। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ एक जैसी कई एफआईआर हैं और वह जमानत में किसी भी रियायत का हकदार नहीं है। वहीं, बाजवा के वकील ने तर्क दिया कि एफआईआर में लगाए आरोप आपराधिक प्रकृति के नहीं बल्कि दीवानी के हैं, जिनका पहले ही समाधान हो चुका है। एक मामले की पावर ऑफ अटॉर्नी भी पेश करते बताया कि मामले में समझौता हो चुका है। इसके अलावा अन्य एफआईआर भी इसी तरह की हैं, जिनमें समझौता हो चुका है। आरोपी से कोई वसूली भी नहीं की जानी है, जो एक सितंबर 2024 से हिरासत में है। सरकारी वकील ने समझौते के तथ्य में जवाब दिया कि अभियुक्त को इस तरह के समझौते करने की आदत है, लेकिन बाद में उससे मुकर जाता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि केवल समझौता होने के तथ्य को जमानत देने का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि बाजवा के खिलाफ 26 से अधिक मामले दर्ज हैं। याची आदतन अपराधी और एक भटका हुआ नागरिक है, इसलिए कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए। यह कहते हुए अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।