कैप्टन ने कहा कि उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके केंद्र सरकार ने केवल आंसू पोंछने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित है लेकिन इसे सरकार द्वारा खरीदा नहीं जाता बल्कि किसानों को कम मूल्य पर बाज़ार में बेचने के लिए मज़बूर होना पड़ता है।
बजट में 80 हजार करोड़ के टैक्स लगाने की तैयारी : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि यह बजट ‘भविष्य काल’ का बजट है जिसमें अगले पांच सालों में 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थव्यवस्था और अगले 8 सालों में 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थव्यवस्था की बात की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में पिछले पांच सालों के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की प्राप्तियों की कोई भी झलक नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि चुनाव को ध्यान में रखकर भावी रियायतों का एलान करके संवैधानिक औचित्य के मानदंडों का उल्लंघन किया गया है जबकि इस समय केवल खर्चा बिल पेश किए जाने की आशा की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने इस बजट को एक बेमेल बजट बताकर इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक लाख करोड़
रुपये की रियायतें दी गई हैं जिसका नफा-नुकसान 0.5 प्रतिशत बनता है लेकिन सरकार ने अतिरिक्त घाटा केवल 0.1 प्रतिशत दिखाया है। इसका मतलब यह है कि बजट में 80,000 करोड़ रुपए के टैक्स लगाए जाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में आम लोगों पर और बोझ पड़ेगा।