हरियाणा में करीब 9 लाख 90 हजार किसान परिवारों को मोदी की ‘मदद’ मिल जाएगी। केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में घोषित की गई प्रधानमंत्री सम्मान किसान निधि योजना के दायरे में हरियाणा के उक्त किसान परिवार आएंगे। लेकिन किसानों ने इस योजना को ऊंट के मुंह में जीरा बताया है। हरियाणा में देखा जाए तो लगभग 16.50 लाख किसान परिवार हैं।
जो खेतीबाड़ी से अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। लेकिन इनमें से 9.9 लाख किसान परिवार ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर यानी 5 एकड़ या इससे कम जमीन है। देखा जाए तो प्रदेश में 60 फीसदी तक किसान परिवार ऐसे हैं जिनके पास थोड़ी ही जमीन है और ये किसान केंद्र सरकार की इस योजना में शामिल होंगे।
इन परिवार को हर साल 6 हजार रुपये बतौर आर्थिक मदद के रूप में मिलेंगे और हर चार महीने बाद 2 हजार की किश्त उनके खातों में मिलेगी। उधर, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी और प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि मोदी सरकार का अंतरिम बजट था। जिसमे किसानों के लिए कुछ खास नहीं था।
केंद्र बताए कि 6 हजार की आर्थिक मदद से किसानों का कौन सा भला होने वाला है। उनके अनुसार ठीक है ये अच्छी शुरूआत है, लेकिन तेलंगाना सरकार तो पहले से ही दो फसलों के 8000 रुपये प्रति साल किसान को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कॉर्ड की लिमिट भी नहीं बढ़ाई गई। कुल मिलाकर ये बजट किसानों के लिए गुमराह करने वाला है और ये बजट नहीं चुनावी घोषणा पत्र है।