चंडीगढ़। सेक्टर-12 स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से 17 मार्च को सीनेट बैठक का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में एक लाख से अधिक रैंक पर दाखिला पाने वाले कई बीटेक-एमटेक के कोर्स में सीटें कम करने पर फैसला लिया जाएगा। पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया ने बताया जिन कोर्सेज में खाली सीटें रहीं हैं और पिछले वर्षों के दाखिले में रैंक अधिक रहा है, उनमें सीटें कम करने का सीनेट में प्रस्ताव रखा जा रहा है।
पेक में बीटेक और एमटेक में पुराने साल के दाखिले की समीक्षा की गई। कई कोर्सेज में कुछ सीटें खाली रही हैं या अत्यधिक मेरिट पर दाखिले हुए हैं। इस दौरान रिपोर्ट बनाई गई है कि जिन कोर्स में ऑल इंडिया रैंक एक लाख से अधिक गई है, उनमें सीटें कम की जाएं। रिपोर्ट में फिलहाल मेट्रोलॉजिकल एंड मटेरियल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन इंजीनियरिंग को शामिल किया गया है। पिछली बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसके कारण पेक की रैंकिंग पर भी प्रभाव पड़ता है। पेक फिलहाल अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए अकादमिक बेहतरी के प्रयास करने में लगा है।
एमटेक के कोर्स में भी घटेंगी सीटें
पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया ने बताया कि पिछले साल एमटेक के कुछ कोर्सेज में भी छात्रों का रुझान कम दिखा। इसमें भी सीटें कम करने का फैसला लिया जाएगा। इसमें सिविल इंजीनियरिंग, वाटर रिसोर्सेज, मेट्रोलॉजिकल एंड मटेरियल इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन इत्यादि के कोर्स शामिल हैं।
स्नातक में नए कोर्स भी होंगे शामिल
निदेशक डॉ. सेतिया ने बताया कि स्नातक में कुछ नए कोर्स शामिल करने की तैयारी की जा रही है। इसमें प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स को शामिल करने की तैयारी की जा रही है। वहीं रैंकिंग में सुधार के लिए शिक्षक भर्ती पर भी काम किया जा रहा है। इसके तहत इसी हफ्ते लगभग 17-18 अस्सिटेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति करवाई गई है।