रोपड़ लुधियाना मार्ग पर इनोवा कार और ट्रक की आमने सामने टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई। हादसे का खौफनाक सच आपको चौंका देगा।
हादसा इतना भयानक था कि इनोवा कार के परखचे उड़ गए। उसमें सवार आठों लोगों की मौत हो गई। इसमें एक ही परिवार के छह लोग भी शामिल थे। परिवार के सदस्य श्री आनंदपुर साहिब में स्थित गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के लिए जा रहे थे। यह परिवार जिला मोगा से आ रहा था।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया। इस हादसे के बाद ट्रक का चालक फरार हो गया। पुलिस की टीम चालक की तलाश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक जोगिंदर सिंह अपने दो बेटों मनमीत सिंह 16 वर्ष , तनवीर सिंह चन्नी 18 वर्ष तथा पत्नी रणजीत कौर 60 वर्ष , महकदीप 20 वर्ष पुत्र हरविंदर सिंह, कुलबीर सिंह 23 व अपनी नौकरानी बीरो के साथ श्री आनंदपुर साहिब जा रहे थे।
इनोवा कार को चालक सुरिंदर पाल चला रहा था। गांव पवात के नजदीक इनोवा की सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। ट्रक में सीमेंट की बोरियां लदी थीं। इस हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई।
परिवार के सदस्य श्री आनंदपुर साहिब जा रहे थे
टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा कार का इंजन तक बिखर गया। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर लोग इक्टठा हो गए और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने घटना के बारे में मृतकों के रिश्तेदारों को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही हलका विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों, पूर्व विधायक जगजीवन सिंह खीरनीयां, पुलिस व प्रशासन के उच्चाधिकारी भी मोके पर पहुंच गए।
इस हादसे में मारी गई रणजीत कौर व महकदीप ने कुछ दिनों बाद ही कनाडा जाना था। इसी के चलते पहले परिवार के सदस्यों अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए थे। आज परिवार के सदस्य श्री आनंदपुर साहिब जा रहे थे कि दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। हादसे में मरे जोगिंदर सिंह मूल रूप से मोगा जिले के महणां गाव के रहने वाले थे। लेकिन आजकल वे मोगा के दशमेश नगर में रह रहे थे।
लोगों ने मौके पर पहुंच कर दी मदद
घटना की सूचना मिलते ही नजदीकी गांव पवात के लोग हादसे वाली जगह पर पहुंचे। इनोवा कार में परिवार के सदस्य पूरी तरह से दबे हुए थे, उनको निकालना तक कठिन हो रहा था। इनोवा में से बड़ी मुश्किल से घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन सात की मौत गाड़ी के अन्दर ही हो चुकी थी। आठवें की सांसें मुश्किल से चल रही थी। लेकिन बाहर निकालने के कुछ पलों में उसकी सांसें भी रूक गई।
घटना स्थल पर पहुंचने में लेट लतीफ रही एंबूलेंस
एक तरफ गांव पवात के लोग मुश्किल में फंसे हादसे के घायलों को बाहर निकालने की कोशिश में थे कि शायद कोई जिंदा हो तो उसे मेडिकल सहायता जल्दी से जल्दी दिलवायी जा सके।
वहीं एक घायल को बाहर निकालने के बाद एक की आखिरी सासें चल रही थी। उसने बाहर निकाले जाने पर उसने अपना मोबाइल फोन देकर एक युवक को हादसे संबंधी उसके घर फोन करने को कहा और इतने में ही वह भी दम तोड़ गया, लेकिन वह अज्ञात नौजवान उसका फोन लेकर ही फरार हो गया।
हालांकि शहर के बाहर हुए इस भयानक हादसे की भनक मिलते ही आम लोग सहायता के लिए वहां पहुंचे। सभी घायलों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, लेकिन इस हादसे के बाद माछीवाड़ा अस्पताल की एबूलैंस व 108 एबूलेंस काफी देर बाद पहुंची।