सेक्टर-19 पंचकूला में जिस सनसनीखेज हत्या प्रकरण का खुलासा हुआ है उसके तार चंडीगढ़, मुंबई, हरियाणा, पंजाब और नेपाल जुड़ रहे हैं। दरअसल इस प्रकरण में जो मुख्य हत्यारोपी मनोहरलाल गुप्ता है वो चंडीगढ़ सेक्टर-56 ग्राउंड फ्लोर के 6308 नंबर फ्लैट में रहता है। जहां उसके आस-पास के रहने वाले लोग उसे मनोहर लाल गुप्ता नहीं, बल्कि कैप्टन के नाम से जानते हैं।
वहीं जिस युवती को उसने अपना फ्रैंड बताया है, पूनम नाम की यह युवती मुंबई महाराष्ट्र की रहने वाली है। पूनम की हत्या के बाद जिस लांसर गाड़ी में उसकी लाश को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा था, उस कार का नंबर (एचआर-20 एफ 4529) हिसार का है।
लाश को खुर्दबुर्द करने से पहले मनोहर लाल गुप्ता ने अपनी लोकेशन पंचकूला सेक्टर-10 स्थित मकान नंबर 1081 बताई है। ये मकान चंडीगढ़ पुलिस के दिवंगत पुलिस अधिकारी का है। इस मकान के टॉप फ्लोर पर दो कमरे और रसोई है।
इस फ्लोर को मनोहर लाल के पुराने ड्राइवर सिरसा (हरियाणा) निवासी राजन कुमार और पंजाब पटियाला की रहने निवाली पत्नी पायल ने किराए पर लिया हुआ था। पता चला है कि पायल मूलरूप से नेपाल की रहने वाली है। ये राजन की पत्नी है या कुछ और ? इन सबसे पर्दा उठना अभी बाकि है।
एक सप्ताह पहले ही लिया था किराए पर मकान
पंचकूला के सेक्टर-10 में इन्होंने जो मकान किराए पर सात दिन पहले लिया था। वहां इन्होंने अपना संबंध पति पत्नी बताया था। हालांकि अमर उजाला की पड़ताल में ये मामला सेक्स रैकेट से जुड़ा दिख रहा है। लांसर गाड़ी रखने वाला मनोहर क्या काम करता था ये बात पुलिस और पड़ोसियों को भी पता नहीं है।
‘कैप्टन’ से बात तक नहीं करते थे पड़ोसी
मुख्य आरोपी मनोहर लाल चंडीगढ़ सेक्टर 56 स्थित ग्राउंड फ्लोर के 6308 नंबर फ्लैट में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता है। मनोहर लाल गुप्ता के पड़ोसियों को जब उसकी फोटो दिखाई गई तो उन्होंने बताया यहां कालोनी में उससे कोई बात नहीं करता था। यहां कालोनी निवासी उसे मनोहर लाल गुप्ता नहीं, बल्कि कैप्टन के नाम से जानते हैं। उसकी दो बेटियां हैं और एक बेटा। तीनों बच्चे छोटे हैं।
पंजाब के हाईप्रोफाइल मामले फंसा था कैप्टन
चंडीगढ़ सेक्टर-56 निवासी मनोहर के एक बुजुर्ग पड़ोसी ने बताया कि एक साल पहले पंजाब पुलिस ने कई दिनों तक उसके फ्लैट पर छापेमारी की थी। उस समय भी ये छापेमारी किसी हाईप्रोफाइल परिवार की लड़की से जुड़े मामले के कारण हुई थी। पड़ोसी के मुताबिक बाद में पंजाब पुलिस कैप्टन की पत्नी को हिरासत में लेकर गई थी। इसके बाद कैप्टन की गिरफ्तारी हुई और वह चार माह पहले ही पुलिस के शिकंजे से बाहर निकला है।
एक नहीं दो कारें आईं थीं: मालकिन
पंचकूला सेक्टर-10 स्थित जिस मकान को सिरसा निवासी राजन ने किराए पर लिया था। उस मकान की मालकिन ने बताया कि बीती रात 12 बजे दो कारें घर के आगे और पीछे रुकी थीं। इसके बाद तीन चार लोग कोठी में सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर गए थे। इसके बाद रात को करीब दो बजे सीढ़ियों से उतरने की हरकत भी सुनाई दी थी।
सिरसा के राजन ने जो बताया
पत्नी सहित पुलिस की गिरफ्त में आए राजन ने बताया कि वह सिरसा का रहने वाला है। एक साल पहले वह मनोहर लाल गुप्ता की कार चलाता था, लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद एक साल तक उसने हिंदुस्तान लीवर कंपनी में बतौर ड्राइवर काम किया था। क्या मनोहर ने पंचकूला सेक्टर-10 स्थित कमरे में पूनम की हत्या की थी। इस पर राजन ने उसने कोई जवाब नहीं दिया।
कंबल देख पुलिस ने रोकी कार
पुलिस ने मनोहर लाल गुप्ता उर्फ कैप्टन की लांसर कार को पिछली सीट पर एक कंबल पड़ा देख कर रोका था। कंबल देखने में ऐसे लग रहा था जैसे कोई लिपट कर लेटा हो। बकौल थाना प्रभारी उन्होंने जब कंबल देखकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो उसने भागने की कोशिश की। कार को रोक कर जब चेक किया गया तो डिग्गी में पड़ी बोरी से एक लाश निकली। जिसके पांव पीछे की और बांधे हुए थे।