चंडीगढ़। रिश्वतखोरी में पकड़े गए पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के दोनों सब-इंस्पेक्टरों अख्तर हुसैन और कृष्ण कुमार को निलंबित कर दिया गया है। एसपी केतन बंसल ने इसकी पुष्टि की है। दोनों बीते 6 अक्तूबर को दर्ज भ्रष्टाचार मामले में आरोपी हैं। चंडीगढ़ पुलिस का आरोपी एसआई कृष्ण कुमार 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी सीबीआई के हत्थे नहीं चढ़ सका है। सूत्र बताते हैं कि कृष्ण कुमार ईओडब्ल्यू कार्यालय के बेसमेंट से रिश्वत की रकम लेकर फरार हो गया, उस समय सीबीआई टीम ऊपरी मंजिल पर थी। सीबीआई ने रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत के आधार पर एसआई हुसैन को काबू किया था। सीबीआई का दावा है कि कृष्ण कुमार काले रंग की कार में रिश्वत के ढाई लाख रुपये लेकर भागा है।
अब इस मामले में सीबीआई आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के कुछ बड़े अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि ईओडब्ल्यू के एक बड़े अफसर के सेक्टर-7 स्थित आवास पर भी बीते 6 अक्तूबर को सीबीआई टीम पूछताछ के लिए पहुंची थी। मामले में अख्तर हुसैन को सीबीआई ने बीते 6 अक्तूबर को पकड़ा था। वहीं जांच एजेंसी आरोपियों के घर पर भी नजर रखे हुए है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई सेक्टर-17 स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय से कुछ अहम दस्तावेज जुटाएगी। वहीं कुछ अहम गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
शिकायतकर्ता को मैकेनिक से संपर्क करने के लिए कहा था
शिकायत के मुताबिक, दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता को सेक्टर-48 मोटर मार्केट के एक मैकेनिक से संपर्क करने को कहा था। मैकेनिक ने शिकायतकर्ता को कहा कि वह दोनों पुलिसकर्मियों से सीधा संपर्क करे। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई मामले में इस मैकेनिक की भूमिका को भी खंगाल रही है। निलंबित एसआई कृष्ण कुमार शिकायतकर्ता राम मेहर शर्मा के भाई से जुड़े वर्ष 2021 के जीएसटी से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में जांचकर्ता था। आरोप के मुताबिक, वह और अख्तर हुसैन शिकायतकर्ता को डरा-धमकाकर उसके भाई को राहत देने के नाम पर पांच लाख रूपये रिश्वत मांग रहे थे। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके भाई रामदिया का आधार कार्ड, बैंक खाता और बाकी निजी दस्तावेजों का ईश्वर चंद नामक व्यक्ति ने दुरुपयोग किया था। वह भी उस धोखाधड़ी के मामले में सह-आरोपी है। होम लोन के नाम पर ईश्वर चंद ने रामदिया के दस्तावेज लिए थे।