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Chandigarh News: जॉइंट टाइम टेबल पर लगा ब्रेक, आर-पार के मूड में सीटीयू कर्मी

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चंडीगढ़। आईएसबीटी-17 से अन्य राज्यों को जाने वाली बसों के लिए बन रहे ज्वाइंट टाइम टेबल पर फिर ब्रेक लग गया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि जल्द ज्वाइंट टाइम टेबल जारी कर दिया जाएगा लेकिन कई हफ्ते बीतने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ। इसको लेकर अब चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के कर्मचारी आर-पार के मूड में हैं और 12 दिसंबर को एक विशाल गेट मीटिंग बुलाई है।
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वर्षों बाद अक्तूबर माह में आईएसबीटी-17 के विभिन्न राज्यों की बसों के लिए टाइम टेबल बनाने का काम शुरू हुआ था। एसटीए रूपेश कुमार के आदेश पर टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने सर्वे किया कि आईएसबीटी-17 और 43 से किन-किन राज्यों की कितनी बसें आती और जाती हैं। उन्होंने दावा किया था कि इसके आधार पर ही आने वाले कुछ दिनों में टाइम टेबल जारी किया जाएगा लेकिन सर्वे पूरा हुए भी कई हफ्ते बीत चुके हैं। टाइम टेबल में देरी होने पर कुछ दिन पहले चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने परिवहन विभाग के सचिव, एसटीए के सचिव व अन्य अधिकारियों को एक मांग पत्र भेजा था। उस पर गौर नहीं करने के बाद अब यूनियन ने संघर्ष की राह अपनाई है। यूनियन के प्रधान जसवंत सिंह जस्सा और महासचिव सतिंदर सिंह की तरफ से आह्वान किया गया है कि 12 दिसंबर को दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच डिपो नंबर-2 में विशाल गेट रैली होगी। इसमें नए टाइम टेबल, नई बस, नई भर्ती, प्राइवेट बस, दफ्तर काम के बारे, लंबित एरियर, स्पेयर पार्ट्स आदि के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जाएगी। सतिंदर सिंह ने कहा कि रैली में प्रबंधन के खिलाफ मांगें पूरी न करने को लेकर विरोध किया जाएगा।

ज्वाइंट टाइम टेबल नहीं होने का ये है नुकसान
आईएसबीटी-17 से हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के विभिन्न जिलों के लिए बसें जाती हैं लेकिन कई दशकों से टाइम टेबल नहीं बना है, जिसकी वजह से अन्य रोडवेज की बसों पर चंडीगढ़ का कोई कंट्रोल नहीं है। वर्तमान में आईएसबीटी-17 से आपसी समझौते के आधार पर बसें चलाईं जा रही हैं, जिसका खामियाजा सीटीयू को भुगतना पड़ रहा है। कई रोडवेज अपनी मनमर्जी से बसें चला रहे हैं। बता दें कि आखिरी बार सुप्रीम कोर्ट में एक मामले के बाद वर्ष 2019 में सिर्फ कुछ रूटों की टाइम टेबल बनाया गया था लेकिन अधिकतर पर कई दशकों से किसी ने ध्यान नहीं दिया। वहीं, आईएसबीटी-43 से भी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर आदि के विभिन्न रूटों के लिए बसें जाती हैं।
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ये हैं यूनियन की मांगें
1. आठ राज्य के साथ जल्द रेसिप्रोकल एग्रीमेंट किया जाए ताकि लंबी दूरी की बसों को अन्य राज्यों में दिक्कत न आए।
2. आईएसबीटी-17 के लिए एसटीए द्वारा बुलाई गई मीटिंग के अनुसार बनाया गया ज्वाइंट टाइम टेबल लागू किया जाए। हिसार साइड, रोहतक साइड, 152डी, अंबाला सिटी और कैंट साइड को लागू किया जाए।
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3. आईएसबीटी-43 से दूसरे राज्यों को चलने वाली सभी सरकारी बसों का ज्वाइंट टाइम टेबल की एसटीए विभाग द्वारा मीटिंग बुलाई जाए।
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