गुरमीत राम रहीम की खास राजदार हनीप्रीत के दिमाग में चल रहे झूठ का पर्दाफाश करने की तैयारी हरियाणा पुलिस ने कर ली है। दो दिन के पुलिस रिमांड में जांच टीम के सवालों से कन्नी काटने वाली हनीप्रीत के दिमाग में चल रहे झूठ का पता ब्रेन मैपिंग से लगाया जाएगा। पहले एसआईटी अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट की इजाजत लेगी, उसके बाद भी हनीप्रीत के काबू न आने पर ब्रेन मैपिंग कराई जाएगी। चूंकि, पुलिस अब तक यह भांप चुकी है कि हनीप्रीत नारको टेस्ट के लिए तैयार नहीं भी हो सकती है।
वह अपने वकील के बजाए रास्ते से फिलहाल नहीं भटक रही। अगर नारको टेस्ट के लिए वह तैयार नहीं होती है तो भी कानूनी तौर पर यह उसके खिलाफ ही जाएगा। जितने झूठ हनीप्रीत पुलिस पूछताछ में बोलेगी, उतनी ही उसकी कानूनी दिक्कतें बढ़ती जाएंगी। चूंकि, पुलिस ने उसके झूठ का पूरा पुलिंदा तैयार कर अगली पेशी में कोर्ट में प्रस्तुत करने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके आधार पर ही और पुलिस रिमांड लिया जाएगा। हनीप्रीत जिस तरह से हर सवाल पर झूठ दर झूठ बोलकर गुमराह कर रही है, उसके बाद पुलिस ने पूछताछ और सच जानने की अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
राम रहीम की मुंहबोली बेटी जांच के दौरान इतना शातिरपन दिखाएगी, पुलिस को भी इसका अंदाजा नहीं था। अभी तक उसने अपने सीने में दफन डेरे का एक भी गहरा राज नहीं उगला है। डेरे की रहस्यमयी दुनिया उजागर किए बिना पुलिस की पूछताछ पूरी नहीं हो सकती, इसलिए हनीप्रीत के झूठ को पकड़ने के लिए पहले पॉलीग्राफी और बाद में ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराया जाएगा। इसके साथ ही एसआईटी हनीप्रीत के बैंक खाते भी खंगालेगी। उसमें यह पता लगाया जाएगा कि हनीप्रीत ने डेरे के दम पर कितनी संपत्ति अर्जित की है, उसकी आय के स्रोत क्या थे। उसके बाद आगामी कार्रवाई का निर्णय जाएगा।