पाक रेंजर्स को मिठाई सौंपते बीएसएफ जवान।
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देश 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देशभर में जश्न का माहौल है। सीमाओं पर तैनात जांबाज जवान भी तिरंगा फहरा गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। अटारी-वाघा सीमा पर भी जश्न का माहौल है। यहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करा गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया।
वहीं बीएसएफ जवानों व पाक रेंजर्स ने मिठाई का आदान-प्रदान किया। इस दौरान पाक रेंजर्स ने बीएसएफ अधिकारियों को 73वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी। इससे पहले अटारी सीमा पर बुधवार की सुबह खासा सेक्टर हेडक्वार्टर बीएसएफ के डीआईजी भूपिंदर सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ज्वाइंट चेक पोस्ट पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे डीआईजी सिंह ने सुबह साढ़े नौ बजे तिरंगा फहराने की रस्म अदा की। बुधवार शाम को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया।
अटारी वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत-पाक सीमा पर जोश और उत्साह से लबरेज जवानों की कदमताल से वहां पर मौजूद लोगों में जोश का संचार हुआ। बीएसएफ जवानों ने पाकिस्तानी रेंजर्स के सामने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया।
देशभक्ति और जोश से भरे इस प्रदर्शन को देख हर कोई खुशी से देशभक्ति के रंग में रंग गया। जवानों ने अपने शौर्य भरी कदमताल से पाकिस्तानी रेंजरों को जमकर ललकारा। पाक रेंजरों के सामने वीर जांबाजों का प्रदर्शन देख सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
1959 में शुरू हुई थी बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी की शुरूआत 1959 में हुई थी और भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) इसे आयोजित करता है। बता दें कि आधिकारिक तौर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का उद्देश्य औपचारिक तौर पर भारत की सीमा रात के लिए बंद करना है। सुबह राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ फहराया जाता है और सूर्यास्त से पहले सम्मान के साथ नीचे उतर लिया जाता है। इस दौरान हमारे जवान अपने हाव-भाव से पाक रेंजरों को ललकारते हैं। ऐसे में अटारी बॉर्डर पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंग जाता है। मार्च के दौरान दोनों देशों के जवान अपने पैरों को सिर के ऊपर तक उठाते हैं।