पंजाब में औद्योगिक नीति और आसानी से कारोबार करने के लिए और सुधार लाने के लिए सुझाव प्राप्त करने के लिए तीन कमेटियों को नोटिफाई किया है। इस संबंध में वर्धमान टेक्सटाइल से एसपी ओसवाल की अध्यक्षता में स्पिनिंग और बुनाई सेक्टर कमेटी स्थापित की गई है।
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सूबे की नई औद्योगिक नीति बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। राज्य में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने तीन कमेटियां गठित की हैं।
विज्ञापन
बीते दिनों उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य में सभी औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 22 कमेटियां गठित करने की घेाषणा की थी। इस कड़ी में सरकार ने बुधवार को तीन कमेटियां गठित कीं। ये तीनों कमेटी टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पंजाब में टेक्सटाइल इंडस्ट्री बड़े स्तर पर काम कर रही है। ऐसे में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को सरकार ने तीन कमेटियां गठित कर बूस्टर डोज दिया है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब में औद्योगिक नीति और आसानी से कारोबार करने के लिए और सुधार लाने के लिए सुझाव प्राप्त करने के लिए तीन कमेटियों को नोटिफाई किया है। इस संबंध में वर्धमान टेक्सटाइल से एसपी ओसवाल की अध्यक्षता में स्पिनिंग और बुनाई सेक्टर कमेटी स्थापित की गई है। इसी तरह मोंटे कार्लो फैशनर्स लिमिटेड लुधियाना से संदीप जैन और बाला जी डाइंग से रजनीश गुप्ता की अध्यक्षता में ऐपेरल, डाइंग और फिनिशिंग यूनिट सेक्टर की कमेटी स्थापित की गई है।
हर एक कमेटी का मुख्य काम सरकार को पंजाब के विलक्षण औद्योगिक वातावरण के साथ-साथ ढांचागत और वित्तीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए अपने खास क्षेत्र के लिए एक अनुकूलित औद्योगिक ढांचे व नीति के लिए एक ढांचागत दिशा प्रदान करना होगा। इसके लिए कमेटी को देश के अन्य सभी संबंधित राज्यों की नीतियों और ढांचों की जांच करनी चाहिए और इस तरह पंजाब के लिए एक सर्वोत्तम- दर्जे नीतिगत ढांचा विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कमेटियां एक अक्तूबर तक लिखित रूप में यह सिफारिशें जमा कराएंगी।
हर कमेटी का चेयरपर्सन होगा
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि हर कमेटी में एक चेयरपर्सन और उद्योग जगत से कुछ मेंबर होंगे। हालांकि सरकार द्वारा अन्य मेंबर शामिल किए जा सकते हैं। ये मेंबर आकार में पैमाने और भौगोलिक तौर पर विभिन्न होंगे जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि चर्चा के दौरान सभी विचार पेश किए जाएं। मेंबर समूचे क्षेत्र के विभिन्न उप-भागों की नुमाइंदगी भी करेंगे। हर कमेटी को सचिवालय सहायता पर बताए अनुसार कमेटी के मेंबर-सचिव के द्वारा प्रदान की जायेगी, जो कमेटी की मीटिंगों के आयोजन और मिंट तैयार करने के लिए भी इंचार्ज होगा।