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बम असली था तो क्यों नहीं हुआ बलास्ट?

Fri, 26 Sep 2014 03:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी
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दरअसल टाइम डिवाइस में दहशतगर्द टाइमर सेट नहीं कर पाया था। जिसकी वजह से बम ब्लास्ट नहीं हुआ। जिससे रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
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बम निरोधक दस्ते के छह सदस्यों में से एक के मुताबिक टाइमर डिवाइस सेट रखने वाला दहशतगर्द नौसिखिया रहा होगा। हालांकि बम में मौजूद विस्फोटक गंधहीन था। जो कि अमूमन देखने को नहीं मिलता है।

माना जा रहा है बारूद की गंध मिटाने के लिए किसी केमिकल को भी डाला गया होगा। बम डिफ्यूज करने से पहले उसमें जल रही लाइट ग्रीन थी।

लाइट और मिली बारूद की मात्रा के हिसाब से माना जा रहा है कि बम कम मारक क्षमता वाला था। जिसका उद्देश्य किसी चेतावनी के लिए दहशत फैलाना था।

आतंकी साजिश तो नहीं

हाल ही में किसी आतंकी संगठन की धमकी न होने और राज्य में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मामले की जांच कर रही टीम इन्हीं दो पहलुओं पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि दहशतगर्दों का यह प्रयास राजनैतिक माहौल खराब करने का है।

युवक की जागरूकता से बचा हादसा
जीआरपी, आरपीएफ और जिला पुलिस की मुस्तैदी के साथ ही युवक की जागरूकता भी हादसे से बचने का एक बड़ा कारण था, जिससे दहशतगर्द अपने नापाक इरादों में सफल नहीं हो सका।

पहले तो युवक ने फौरन बैग में संभावित बम होने की सूचना जीआरपी के जवानों को दी, न कि शोर-मचाया। वरना भगदड़ के माहौल में भी बड़ा हादसा हो सकता था। शाबाशी का काम करने वाले युवक की सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने उसकी पहचान बताने से इंकार कर दिया है।

चेकिंग के बाद तीन ट्रेनें हुईं देरी से रवाना

मेरठ पैसेंजर में बम मिलने के बाद रेलवे स्टेशन पर तीन ट्रेनें देरी से रवाना हुईं। इनमें आश्रम सुपरफास्ट एक्सप्रेस निर्धारित शाम 05:05 मिनट से एक घंटे 8 मिनट देरी से रवाना हुई। उसे पहले आउटर पर ही रोक दिया गया था।

बाद में उसे प्लेटफार्म पर लिया गया। वहीं शाम 05:20 बजे पर रवाना होने वाली हिसार-जयपुर पैसेंजर भी निर्धारित समय से 01 घंटे 26 मिनट देरी से शाम 06:46 मिनट पर रवाना हुई। वहीं 5:30 बजे दिल्ली सराय रोहिल्ला भी निर्धारित समय से 28 मिनट देरी से स्टेशन से चेकिंग के बाद रवाना की गई।

सूचना पर पहुंचा आलाधिकारियों का अमला

ट्रेन में बम मिलने की सूचना मिलने की सूचना जैसे ही जिला पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में एसपी हामिद अख्तर, डीएसपी मुख्यालय राधेश्याम, डीएसपी सिटी विरेंद्र सैनी, थाना माडल टाउन, सिटी, सदर व जीआरपी के प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।

बम स्क्वॉयड टीम के पहुंचने पर उपायुक्त आरसी वर्मा भी मौके पर पहुंचे। उससे पूर्व एहतियातन आरपीएफ ने पट्टी बांधकर बम के चारों ओर करीब 200-200 तक का एरिया सील कर दिया था। वहां अधिकारियों के अलावा अन्य को जाने नहीं दिया जा रहा था।

खुला स्टेशन पर कैसे हो सुरक्षा?
अन्य स्टेशनों की तुलना में रेवाड़ी रेलवे स्टेशन चारों ओर से खुला हुआ है। यहां पर आने के एक नहीं, बल्कि दर्जनों रास्ते हैं। इसके अलावा यात्रियों की चेंकग के लिए मेटल डोर फ्रेम भी नहीं है।

जिससे कोई भी अवांछित तत्व स्टेशन परिसर के अंदर आसानी से आ-जा सकता है। इसके अलावा न मेटल डिटेक्टर है और न ही लगेज चेकिंग मशीन यहां पर है। इसी का फायदा थैले में बम लेकर पहुंचे आरोपी ने उठाया।

कैसे रह सकते हैं हम सुरक्षित?

- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर सूचना पुलिस को दें।
- लावारिस वस्तु मिलने या दिखने पर हाथ न लगाएं, पुलिस को बताएं।
- किसी अंजान व्यक्ति को अपना सामान देखने के लिए न दें।
- अंजान व्यक्ति द्वारा दिया गया भोजन न करें।
- बम जैसी किसी वस्तु दिखने पर शोर न मचाएं, आसपास पुलिस होने पर सूचना दें या फिर कंट्रोल रूम को तुरंत सूचित करें।
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3 घंटे बनी रही दहशत

रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से आने वाली मेरठ पैसेंजर ट्रेन में बृहस्पतिवार दोपहर ढाई बजे बम मिलने से दहशत फैल गई। जीआरपी ने थैले में रखे बम को ट्रेन से निकालकर प्लेटफार्म पर रख दिया और प्लेटफार्म-2/3 को खाली करवाया।

तीन घंटे बाद गुड़गांव से पहुंची बम स्क्वॉयड टीम ने डिफ्यूज कर बड़े हादसे को टाल दिया। मेरठ कैंट से चलकर पैसेंजर (संख्या 54421) दोपहर करीब ढाई बजे रेवाड़ी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 से मेरठ के लिए रवाना होने के लिए तैयार खड़ी थी।

इसी दौरान एक युवक टिकट लेने का बहाना कर ट्रेन से उतरा और साथ बैठे युवक को थैले का ध्यान रखने को कहा। काफी देर तक भी वह वापस नहीं आया और ट्रेन के चलने का समय हो गया।
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