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Chandigarh News: भाजपा के मंसूबों पर फिरा पानी, आप के तीन पार्षदों के टूटने का भी नहीं मिला फायदा

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चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भाजपा के सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया। आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों पूनम, नेहा मुसावत और गुरचरणजीत सिंह काला का पाला बदलकर भाजपा में शामिल होना भी काम नहीं आया। सुप्रीम फैसले से आखिरकार सिटी ब्यूटीफुल में आप-कांग्रेस गठबंधन की जीत हुई। भाजपा को पूरी उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट दोबारा मेयर चुनाव कराने का फैसला दे सकती है। इसी भरोसे भाजपा मनोज सोनकर का इस्तीफा दिलाया और आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों को अपने पाले में कर लिया, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। सुप्रीम कोर्ट ने मतपत्रों को मंगाकर खारिज सभी आठ वोटों को वैध करार देते हुए इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी कुलदीप कुमार को मेयर घोषित कर दिया।
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गौर हो कि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद की अगुवाई में हाल ही में आम आदमी पार्टी के पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला, नेहा मुसावत और पूनम ने नई दिल्ली पहुंचकर भाजपा का दामन थामा था। इसके चलते भाजपा के पास सांसद किरण खेर को मिलाकर कुल 18 वोट हो गए थे। जाहिर तौर पर अगर मेयर पद को लेकर दोबारा चुनाव होते तो इस पद पर भाजपा पार्षद का काबिज होना तय था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भाजपा की पूरी योजना नाकाम हो गई।

भाजपा में शामिल तीनों पार्षद शहर से बाहर, ढूंढ रहे लोग
बताया जा रहा है कि आम आदमी वार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तीनों पार्षद अभी तक शहर से बाहर हैं और उनके वार्ड के निवासी उन्हें ढूंढ रहे हैं। भाजपा ने आप के पार्षदों को पार्टी में शामिल कराने की कवायद मेयर चुनाव से पहले उस वक्त शुरू की थी जब सांसद किरण खेर की मौजूदगी में आप पार्षद लखबीर सिंह बिल्लू ने प्रदेश मुख्यालय कमलम में भाजपा ज्वाइन की थी।
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