भाजयुमो कार्यकर्ताओं को रोकते चंडीगढ़ पुलिस कर्मी।
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पंजाब में युवाओं में बढ़ती नशाखोरी के खिलाफ सोमवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। विरोध स्वरुप मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास घेरने जा रहे प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। जिसमें भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष भानु प्रताप राणा सहित आठ कार्यकर्ताओं के सिर में चोटें आईं। वहीं एक महिला दरोगा भी घायल हो गई। उग्र कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा।
पंजाब में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के आवास के घेराव की पूर्व नियोजित घोषणा के तहत सोमवार को भाजयुमो कार्यकर्ता चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। वहां कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ता एक रैली के रूप में सीएम आवास का घेराव करने के लिए रवाना हुए।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को वहीं बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता उग्र हो गए और बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस को कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं के साथ ही एक महिला दरोगा भी घायल हो गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष भानु प्रताप राणा ने कहा कि पंजाब में पुलिस की शह पर नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पुलिस के इस कार्य में संरक्षण दे रहे हैं। शराब कारोबारी पुलिस के सामने ही 24 घंटे ठेके खोल कर शराब बिक्री कर रहे हैं। अब हाल यह हो गए हैं कि निरंकुश नशा माफिया पुलिसकर्मियों को ही बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट कर रहा है। कांग्रेसी नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने के कारण पुलिस भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। प्रदर्शन करने वालों में भाजयुमो के उप प्रधान अशोक सरीन, जर्नादन शर्मा आदि शामिल रहे।