हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले तक डेरा सच्चा सौदा के प्रति उपजा भाजपा का प्रेम अब टूट गया है। सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल मामले से सबक लेते हुए पार्टी ने डेरा मामले से पल्ला झाड़ लिया है। हरियाणा भाजपा प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने यह स्पष्ट कर दिया है।
हाईकोर्ट के फैसले को देखते हुए डेरे की जांच संबंधी मामले में भाजपा ने खुद को पृथक कर लिया है। हालांकि, हरियाणा की सत्ता हासिल करने का भाजपा का सपना काफी हद तक पूरा करने में डेरे का योगदान रहा है, लेकिन अब भाजपा चुनाव से पहले का अपना मोह नहीं दिखा रही है।
चुनाव के समय डेरे का समर्थन प्राप्त करने के लिए भाजपा के प्रदेश के नेताओं के अलावा केंद्र के नेताओं ने भी खासी मशक्कत की थी। उस समय दोनों की नजदीकियां भी चर्चा का विषय बनी थीं। अब हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद हरियाणा पुलिस के मुखिया एसएन वशिष्ठ ने भी सिरसा पुलिस अधीक्षक को कोर्ट के आदेशों की पालना के संदर्भ में हिदायतें जारी कर दी हैं।
सतलोक आश्रम के कारण भाजपा के सुर बदले
अभी तक सारी स्थितियां सामान्य थीं, लेकिन सतलोक आश्रम मामले में हाईकोर्ट ने तल्ख रुख अख्तियार करते हुए हरियाणा पंजाब के डेरों की जांच के आदेश दे दिए। नए साल में डेरामुखी के खिलाफ अन्य मामलों में भी फैसला आ सकता है।
डा. अनिल जैन, हरियाणा भाजपा प्रभारी ने बताया कि डेरे के मामले में भाजपा कानून के साथ है। कानून जो भी निर्णय लेगा पार्टी का स्टैंड उससे अलग नहीं होगा।
मितेश जैन, एसपी सिरसा ने बताया कि हमने डेरे में जांच शुरू कर दी है, जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी की जो भी रिपोर्ट होगी वह वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।