बहुचर्चित एसवाईएल विवाद सुलझाने के लिए अब एक दिग्गज नेता ने बड़ा फैसला लिया है, ऐसे में उम्मीद है कि मुद्दे का समाधान जल्दी ही निकल जाएगा। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि एसवाईएल को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। जल्द दोनों राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों बीच मीटिंग करवाई जाएगी। साथ ही जाट आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। प्रदेश सरकार अदालत के अंदर पैरवी कर रही है। शाह वीरवार को
तिलियार लेक के कन्वेंशन हॉल में प्रेस वार्ता कर रहे थे। किसानों की कर्ज माफी पर शाह ने कहा कि वित्त मंत्री पहले ही बता चुके हैं कि राज्य सरकार अपने स्तर पर फैसला करें कि किसानों का कर्ज माफ किया जाए या नहीं। कई राज्य सरकारों ने अपने दम पर कदम उठाया है। प्रदेश के अंदर भाजपा का कोई विधायक असंतुष्ट नहीं मिला। कई विधायकों ने उनसे चर्चा जरूरी की, लेकिन हर किसी का मानना है कि सरकार अच्छा काम कर रही है।
प्रदेश खासकर जाटलैंड के अंदर कैसे जीत हासिल होगी, इस पर शाह बोले तीन दिन मंथन करने के लिए ही रोहतक आया हूं। कैसे करें, इसको अभी सस्पेंस रहने दें। उन्होंने कहा, रोहतक ही क्यूं, हर बूथ को मजबूत करेंगे। हिमाचल प्रदेश के चुनाव पर शाह बोले, सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। अभी मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नेता को नाम तय नहीं किया गया है। शाह ने कहा कि पंजाब में भाजपा हरियाणा की तरह अकेले लड़ेगी या गठबंधन करेगी इसके लिए पंजाब इकाई से मीटिंग की जाएगी।
वहीं अनुच्छेद 370 पर शाह ने कहा कि सबको पता है कि इस पर फैसले लेने के लिए कई तरह की जरूरतें हैं। प्रदेश में कार्यकर्ताओं द्वारा नौकरीशाही हावी होने की शिकायत पर शाह बोले, यह पार्टी का आंतरिक मामला है। इसके बावजूद कार्यकर्ता मानते हैं कि प्रदेश भ्रष्टाचार मुक्त हुआ है। ट्रांसफर पॉलिसी अच्छी है। राज्यसभा में सांसदों के गैर हाजिर रहने के सवाल पर शाह बोले संसद में काफी बहस हो चुकी है।