हरियाणा में लंबे समय से राजनीति का जरिया बन चुकी एसवाईएल नहर पर एक बार फिर सियासत गर्माने लगी है। इनेलो लंबे समय से इस नहर के निर्माण को लेकर आंदोलन छेड़े हुए है। इनेलो को जेल भरो आंदोलन संपन्न हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के 17 अगस्त तक नहर निर्माण शुरू न होने पर विधानसभा की कार्यवाही ठप करने का अल्टीमेटम दिया है। इसे देखते हुए भाजपा भी एक्शन में आ गई है।
भाजपा सांसदों ने जहां मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में संसद भवन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर नहर निर्माण शुरू कराने की मांग उठाने का निर्णय लिया है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल की आड़ में इनेलो को राजनीतिक तौर पर जिंदा करने का प्रयास अब दम तोड़ चुका है। जनता ने इनेलो के एसवाईएल खुदाई, सड़क रोकने और अब जेल भरो आंदोलन को ठेंगा दिखा दिया है। बराला ने इनेलो के जेल भरो आंदोलन अभियान के समापन पर भी चुटकी ली है।
बराला ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर प्रदेश की भोली-भाली जनता विशेषकर किसानों को सबसे ज्यादा धोखा देने का काम इनेलो ने किया है। एसवाईएल पर नवंबर 2017 में निर्णय आने के बाद फरवरी में इनेलो ने एसवाईएल खुदाई का आह्वान कर सड़क खोदने का ड्रामा किया था। अब बसपा की बैसाखियों का सहारा लेकर इनेलो जनता में सहानुभूति बटोरने पर मजबूर है। रैलियों में भीड़ के झूठे आंकड़े पेश कर जनता को बहकाने की कोशिश की जा रही है। इनेलो का खुद से ही भरोसा उठ गया है।