दिल्ली विधानसभा चुनाव में पदाधिकारियों की ड्यूटी लगी होने की वजह से चुनाव में होगी देरी
चंडीगढ़। भाजपा जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अब दिल्ली चुनाव के बाद होने की संभावना है। दरअसल हरियाणा भाजपा के सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ड्यूटी दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगा दी गई है। जिला अध्यक्षों के चुनाव पहले जनवरी के आखिरी हफ्ते में होने थे, मगर दिल्ली विधानसभा चुनाव होने की वजह से फिलहाल इसे टाल दिया गया है। भाजपा ने वीरवार को ही 205 पदाधिकारियों की ड्यूटी दिल्ली चुनाव में लगा दी है। इससे पहले भी कई पदाधिकारियों की ड्यूटी दिल्ली चुनाव में लगाई जा चुकी है।
हरियाणा में संगठन के चुनाव चल रहे हैं। मंडल अध्यक्षों के चुनाव करवाए जा चुके हैं। अब जिला अध्यक्षों के चुनाव होने थे। इसके लिए संगठन की ओर से तैयारियां से चल रही थीं। इस बार 27 जिला अध्यक्षों के चुनाव होने हैं। 27 जिला अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इस बार जो पांच नए जिले बनाए गए हैं। इनमें हांसी, गोहाना, डबवाली, गुरुग्राम महानगर और बल्लभगढ़ शामिल हैं। अब फिलहाल जिला अध्यक्षों के चुनाव फरवरी के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इस बार पार्टी 22 में से आठ से दस जिला अध्यक्ष बदलने के मूड में है। इनमें उनके नाम शामिल हैं, जो विधानसभा चुनाव में परिणाम नहीं दे पाए। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भाजपा ने पहले ही टाल दिया था।
इसलिए हो रहे हैं संगठन के चुनाव
दरअसल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले राज्यों की इकाइयों में से कम से कम 50 फीसदी को अपना संगठनात्मक चुनाव पूरा करना होगा। इसलिए कई राज्यों में चुनाव करवाए जा रहे हैं। इनमें हरियाणा भी शामिल है। हरियाणा में चुनाव में देरी होने की एक बड़ी वजह यह भी थी कि प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के ऊपर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। हालांकि, चुनाव के कामकाज के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया हुआ था। मगर यह चुनाव बड़ौली की निगरानी में हो रहे थे। आरोपों की वजह से कुछ समय के लिए चुनाव प्रक्रिया भी प्रभावित हुई थी, मगर अब शीर्ष नेतृत्व बड़ौली के पक्ष में खड़ा है और बड़ौली भी कार्यक्रमों में शामिल होने लगे हैं।